भोजपुर और रोहतास को मिलेगी बड़ी राहत, सिंगल ट्रैक की जगह अब बिछेगी डबल लाइन

Ara Sasaram Rail Line: आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण का काम शुरू होने से भोजपुर और रोहतास के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है. अब तक एक ही लाइन के कारण ट्रेनों में देरी होती थी. दोहरीकरण से यात्रा आसान होगी.

Ara Sasaram Rail Line: भोजपुर और रोहतास जिलों के लोगों के लिए आरा-सासाराम रेल लाइन का दोहरीकरण एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है. लंबे समय से अटकी इस रेलवे परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है. जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम शुरू होते ही इलाके के लोग खुश हो गए हैं. स्थानीय व्यापारी, किसान और छोटे दुकानदार इस परियोजना को बेहतर भविष्य के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं.

लोग कर रहे थे दिक्कतों का सामना

अब तक इस रेलखंड पर केवल एक ही लाइन होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही में लगातार दिक्कतें आती थीं. मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चलने से अक्सर देरी होती थी. इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ता था. सामान समय पर बाजार नहीं पहुंच पाता था. इससे व्यापारियों की लागत बढ़ती थी और ग्राहकों तक सामान पहुंचाने में परेशानी होती थी.

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अब होगा फायदा

दोहरीकरण पूरा होने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग लाइन उपलब्ध होगी. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और सफर का समय कम होगा. साथ ही माल ढुलाई तेज और भरोसेमंद बनेगी. इसका फायदा उद्योग, खेती और स्थानीय बाजारों को मिलेगा. माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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