अलग- अलग मामलों में दो आरोपितों को सजा

आरा : महिला को अगवा कर दुष्कर्म करने व जालसाजी कर धोखाघड़ी करने के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने मंगलवार को दो आरोपितों को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई. एक महिला को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार ने आरोपित चंदन कुमार […]

आरा : महिला को अगवा कर दुष्कर्म करने व जालसाजी कर धोखाघड़ी करने के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने मंगलवार को दो आरोपितों को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई.
एक महिला को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार ने आरोपित चंदन कुमार को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 366 (ए)के तहत दस वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा 376 के तहत दस वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी.
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक नागेंद्र सिंह ने बहस किया था. उन्होंने बताया कि 29 जून 2016 को उदवंतनगर थाना क्षेत्र के एक महिला घर से सिलाई सीखने जा रही थी. इसी दौरान उसे अगवाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
पीड़िता ने घटना को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. वहीं दूसरी ओर न्यायिक दंडाधिकारी डा राजेश कुमार ने धोखाघड़ी करने के एक मामले में आरोपित मनोज कुमार श्रीवास्तव को दो वर्ष के कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
सन 1991 में पीरो क्षेत्र के शिक्षा पदाधिकारी शंभु शरण मिश्रा ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी कि बक्सर क्षेत्र के सिविल लाइन के निवासी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने जाली कागज तैयार कर और धोखा देकर आदेश पाल के पद पर नियुक्त था.

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