विधवा पेंशन के लिए दर-दर भटक रही हैं महिलाएं

आरा : जिले की अधिकतर विधवाएं अब भी बेसहारा हैं. सरकार द्वारा उनके हित में चलायी जा रही पेंशन योजना का सहारा उन्हें नहीं मिल पाया है. इस कारण उनकी हालत काफी खस्ता है. पूरे जिले में लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन का हालत खस्ता है. सरकार के स्तर पर विधवाओं को लेकर संवेदना का माहौल […]

आरा : जिले की अधिकतर विधवाएं अब भी बेसहारा हैं. सरकार द्वारा उनके हित में चलायी जा रही पेंशन योजना का सहारा उन्हें नहीं मिल पाया है. इस कारण उनकी हालत काफी खस्ता है. पूरे जिले में लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन का हालत खस्ता है. सरकार के स्तर पर विधवाओं को लेकर संवेदना का माहौल है पर प्रशासनिक स्तर पर इसमें संवेदनशीलता की कमी है.
विधवाओं को सुविधाएं देने के लिए सरकार ने वर्ष 2007 में लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की शुरुआत की थी, ताकि बेसहारा विधवाओं को सहारा मिल सके.
सभी प्रखंडों में 1000 से अधिक दिये गये हैं आवेदन : जिले के सभी प्रखंडों में 1000 से अधिक आवेदकों द्वारा आवेदन दिये गये हैं. इसमें से कई आवेदनों का निष्पादन नहीं किया गया है, जबकि ऐसी महिलाएं लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के योग्य हैं. वहीं कई ऐसे आवेदनों को स्वीकृत कर लिया गया है, जो इस योजना के योग्य नहीं है. इस संबंध में सदर अनुमंडलाधिकारी अरुण प्रकाश ने बताया कि मामला मेरे आने के पहले का है. मेरे संज्ञान में नहीं था. अब सभी प्रखंडों में इसकी जांच कराई जाएगी तथा गड़बड़ी पाई जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
बड़े पैमाने पर किया गया है फर्जीवाड़ा
लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में जिले में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा की गयी है. कई योग्य महिलाओं को पेंशन से वंचित कर दिया गया है. वहीं कई ऐसे महिलाओं को पेंशन दी गयी है, जो इसकी योग्यता नहीं रखती हैं. उदवंतनगर प्रखंड की कुसम्हा पंचायत की पंचायत समिति सदस्य द्वारा भी फर्जीवाड़ा करके पेंशन लिया जा रहा था. इतना ही नहीं जांच के क्रम में लगभग 20 ऐसी महिलाएं पकड़ी गयी, जो बिना आधार के तथा बिना योग्यता के लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही थी. जिले की सभी पंचायतों में जांच की जाये, तो काफी संख्या में फर्जीवाड़े की बात सामने आ सकती है. संबंधित कर्मियों द्वारा राशि की उगाही के आधार पर अयोग्य लोगों को पेंशन देने के लिए उनके नाम की स्वीकृति के लिए उनके डॉक्यूमेंट को अग्रसारित किया गया. इस कारण जिले में करोड़ों की राशि का घोटाला किया गया है.
साठ हजार से कम आय वाले को दिया जाता है लाभ
इस योजना का लाभ बीपीएलधारक महिलाओं को दिया जाता है. इसके साथ ही अन्य सभी उन महिलाओं को भी इसका लाभ दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय साठ हजार रुपये से कम हो. ताकि उन विधवा महिलाओं को सहारा मिल सके. इसके तहत सभी योग्य महिलाओं को 400 रुपए प्रतिमाह पेंशन के रूप में दी जाती है. वित्तीय वर्ष 17 -18 तक लक्ष्मीबाई पेंशन सीधे लाभुक महिलाओं को दी जाती थी, पर अब पेंशन उनके खाते में डाली जाती है.
किन प्रखंडों में कितने आवेदन
लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत उदवंतनगर में 12 सौ आवेदन, अगिआंव में 850 आवेदन, संदेश में 905 आवेदन, सहार में 950 आवेदन, तरारी में 825 आवेदन, पीरो में 1050 आवेदन, जगदीशपुर में 1250 आवेदन, चरपोखरी में 752, कोइलवर में 835 आवेदन, बड़हरा में 945 आवेदन, शाहपुर में 1025 आवेदन, चरपोखरी में 745 आवेदन, बिहिया में 875 आवेदन तथा आरा सदर में 1225 आवेदन पिछले वित्तीय वर्ष में प्राप्त हुए, पर कहीं भी 60 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निष्पादन नहीं किया गया. इस कारण महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है.

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