बाल विवाह का विरोध करने वाली किशोरी की मदद करेगा प्रशासन
आरा : भोजपुर जिले में नाबालिग ने बाल विवाह का विरोध किया तो पिता ने उसे प्रताड़ित करना शुरू किया. इतना ही नहीं नाबालिग के पिता ने विरोध करने पर मारपीट तक की. साहस का परिचय देते हुए बाल विवाह का विरोध करनेवाली नाबालिग बच्ची अपनी बहनों के साथ प्रभात खबर के कार्यालय में पहुंची. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
December 17, 2017 3:54 AM
आरा : भोजपुर जिले में नाबालिग ने बाल विवाह का विरोध किया तो पिता ने उसे प्रताड़ित करना शुरू किया. इतना ही नहीं नाबालिग के पिता ने विरोध करने पर मारपीट तक की. साहस का परिचय देते हुए बाल विवाह का विरोध करनेवाली नाबालिग बच्ची अपनी बहनों के साथ प्रभात खबर के कार्यालय में पहुंची. आपबीती सुनाने के बाद उसने न्याय की गुहार लगायी, जिसके बाद प्रभात खबर की पहल पर प्रशासनिक महकमा सक्रिय हुआ और नाबालिग बच्ची को न्याय मिला.
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प्रशासनिक सक्रियता का आलम यह रहा कि तत्काल बाल विवाह करा रहे पिता सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. वहीं नाबालिग बच्ची को प्रशासन ने हर सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की. नाबालिग बच्ची के इस साहसी कदम और प्रभात खबर की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिये जाने से सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के बाल विरोध अभियान को भोजपुर में बल मिला है.
12 दिसंबर को रुकी थी शादी, प्रभात खबर ने किया था खबर प्रकाशित : बता दें कि सिन्हा ओपी के फरहदा गांव निवासी सुनील साह अपनी पुत्री निशा की शादी सिन्हा ओपी के पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी किसी अधेड़ के साथ करवा रहा था. इसी बीच लड़की की मंझली बहन ज्योति कुमारी ने थाने में जाकर गुहार लगायी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शादी रूकवा कर लड़की को उसके मामा के हवाले कर दिया. घटना के दो दिन बाद शादी रूकवाने के मामले में नाराज पिता सुनील साह ने अपनी बड़ी पुत्री के मसाढ़ गांव पहुंचकर बेटी- दामाद के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी गयी, जिसके बाद लड़की अपने बहनों के साथ शनिवार को सदर एसडीओ अरुण प्रकाश से जानमाल की गुहार लगायी.
पीड़िता की बात सुनकर भावुक हुए एसडीओ : शनिवार को पीड़ित तीनों बहन सदर एसडीओ अरुण प्रकाश के पास पहुंच कर मामले की जानकारी दी, जिसके बाद नाबालिग लड़की को देखकर एसडीओ भावुक हो गये और जिला कल्याण पदाधिकारी व एसडीओ ने मामले की छानबीन करते हुए तत्काल मुफस्सिल थाने को प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया. साथ ही बच्ची को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी सरकार द्वारा लेने की बात की गयी.
जिला कल्याण पदाधिकारी की गाड़ी से थाना पहुंची पीड़िता : पूरी बात की जानकारी लेने के बाद तत्काल जिला कल्याण पदाधिकारी ने अपनी गाड़ी से पीड़िता को मुफस्सिल थाना भेजवाया. जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, तब तक जिला कल्याण पदाधिकारी पल- पल पर थाने से रिपोर्ट लेते रहे. उन्होंने कहा कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं है. हमलोग सरकार के सेवक हैं. लोगों की बात सुनना हमारा धर्म और कर्म है.
सदर एसडीओ के पास पीड़िता को लेकर पहुंचे प्रभात खबर के प्रतिनिधि तो हुआ एक्शन
दर- दर भटक रही नाबालिग अपनी दो बहनों और मौसी के साथ प्रभात खबर के दफ्तर में पहुंची. रो- रो कर अपनी पूरी कहानी बयां की. इसके बाद प्रभात खबर के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार को लेकर सदर एसडीओ अरुण प्रकाश के पास पहुंचे, जिसके बाद इस मामले में क्विक एक्शन हुआ. सदर एसडीओ अरुण प्रकाश ने मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद हरकत में आयी मुफस्सिल थाना पुलिस ने नाबालिग की बड़ी बहन ज्योति कुमारी के बयान को कलमबंद करते हुए इस मामले में पिता सुनील साह, फुआ पार्वती देवी तथा दूसरी मां रीना देवी को नामजद किया है. आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है.
शिक्षा के साथ शादी का खर्च उठायेगा प्रशासन
एसडीओ अरुण प्रकाश ने पीड़ित परिवार को आश्वासन देते हुए बताया कि सरकार दोनों नाबालिग लड़कियों को अच्छी शिक्षा तथा शादी- विवाह का खर्च उठायेगी. दोनों बच्चियों का नामांकन सरकारी विद्यालय में कराने के बाद बालिग होने तक उन्हें पढ़ाया जायेगा. एसडीओ ने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार बाल विवाह कानून अपराध है. ऐसे करनेवाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश जारी है.
बाल विवाह को रोकने के लिए जिले में बनाया गया है टास्क फोर्स
बाल विवाह के मामले में जिले में सरकार के आदेश पर टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया है. इसमें एसडीओ जिला कल्याण पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी सहित कई लोग शामिल हैं. इस मामले में घटना के बाद प्रतिदिन सभी पदाधिकारी मामले की मॉनीटरिंग करेंगे. इसकी जानकारी देते हुए जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा ऐसा निर्देश दिया गया है.