Startup Workshop : इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टार्टअप सेल के बैनर तले आयोजित कार्यशाला में उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से योगदान देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है. कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार की सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य के सफल उद्यमी बनने के लिए तैयार करना था. कार्यक्रम में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न तकनीकी संस्थानों के संकाय सदस्यों ने भी भाग लिया.
पिच डेक से निवेशकों को आकर्षित करने के बताए तरीके
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राकेश कुमार ने स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं, औद्योगिक विकास, वित्तीय सहायता और उद्यम स्थापना की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं मुख्य वक्ता निक्की कुमार झा ने प्रभावी पिच डेक तैयार करने की तकनीक, बिजनेस मॉडल, समस्या और समाधान की प्रस्तुति, वित्तीय योजना तथा निवेशकों को आकर्षित करने के व्यावहारिक पहलुओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किया.
तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार पर जोर
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बिमलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है. उन्होंने संस्थान में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया. स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. प्रभाकर कुमार ने उद्योग-शिक्षा सहयोग, स्टार्टअप नेटवर्किंग, रोजगार के अवसर और प्रतिभा विकास में स्टार्टअप सेल की भूमिका पर विशेष सत्र का संचालन किया.
डिजिटल बिजनेस और इन्क्यूबेशन की मिली जानकारी
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की स्टार्टअप समन्वयक मेघा कुमारी ने स्टार्टअप की अवधारणा, प्री-इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, सरकारी सहायता और व्यवसाय विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं जिला स्टार्टअप सेल समन्वयक अभिषेक कुमार ने डिजिटल भुगतान समाधान, पेमेंट गेटवे, ऑनलाइन व्यवसाय संचालन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया. कार्यक्रम के सफल संचालन में स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव सनी शेखर समेत अन्य छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
