घर में बिजली का सामान ठीक करते समय करेंट लगने से युवक की मौत, 20 दिन पहले ही गुजरात से लौटा था घर
Bhagalpur News : बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के परघरी गांव में बिजली से जुड़े सामान की मरम्मत के दौरान करंट लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.
भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट
Bhagalpur News : बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के परघरी गांव निवासी 37 वर्षीय राधे मंडल की करंट लगने से मौत हो गई. बताया जाता है कि रविवार की शाम वह अपने घर में बिजली से जुड़े सामानों की जांच और मरम्मत कर रहे थे. इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए.
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार रविवार शाम करीब छह बजे राधे मंडल घर में बिजली के उपकरणों की मरम्मत कर रहे थे. काम के दौरान अचानक उन्हें तेज करंट लग गया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए और बेहोश होकर गिर पड़े. घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई.
स्थानीय अस्पताल से मायागंज किया गया रेफर
हादसे के तुरंत बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. वहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया. रविवार देर रात उन्हें मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई.
गुजरात से 20 दिन पहले ही लौटे थे गांव
परिजनों ने बताया कि राधे मंडल गुजरात में रहकर काम करते थे और करीब 20 दिन पहले ही अपने गांव लौटे थे. घर आने के बाद वह परिवार के साथ समय बिता रहे थे. रविवार को घर में बिजली से जुड़े कुछ सामानों की मरम्मत करते समय यह हादसा हो गया.
इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से बढ़ी चिंता
राधे मंडल अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनके परिवार में पत्नी नीलम देवी और दो बच्चे हैं. बड़ा बेटा करीब सात से आठ वर्ष का बताया जाता है. परिजनों का कहना है कि राधे की कमाई से ही पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था. उनकी असमय मौत से परिवार पर आर्थिक संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
मायागंज अस्पताल में रोते-बिलखते रहे परिजन
रविवार देर रात से ही परिजन मायागंज अस्पताल में मौजूद थे और उनकी हालत में सुधार की उम्मीद लगाए हुए थे. लेकिन सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो जाने से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अस्पताल में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपने की तैयारी की गई.
गांव में शोक की लहर
राधे मंडल की अचानक हुई मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों और परिचितों ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया. उनकी असमय मौत से परिवार और गांव के लोग स्तब्ध हैं.