bhagalpur news. शोधार्थी के रिसर्च पेपर व पुस्तक प्रकाशित होने पर मिलेगा पांच हजार का इनाम

टीएमबीयू के सत्र 2026-27 बजट को लेकर मारवाड़ी कॉलेज में प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक हुई

टीएमबीयू के सत्र 2026-27 बजट को लेकर मारवाड़ी कॉलेज में प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक हुई. करीब चार घंटे तक चली बैठक में 15 एजेंडा पर सदन में चर्चा की गयी. सदन ने कुछ प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की, तो कुछ के लिए कमेटी बनाने का रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया.

सिंडिकेट सदस्य डॉ केके मंडल ने सदन को बताया कि बजट में रिसर्च सर्विस सेंटर का प्रावधान है, लेकिन राशि का प्रावधान नहीं किया गया है. कहा कि पीजी फिजिक्स में सेंटर संचालित हुआ करता था, जो अब बंद है. सदन के अध्यक्ष सह प्रभारी कुलपति ने कहा कि रिसर्च एंड इंसेंटिव सेंटर के तहत संचालित किया जा सकता है, ताकि बढ़िया रिसर्च व बड़े प्रकाशक से किताब छपाई होने पर पांच हजार रुपये इनाम के रूप में शोधार्थी को दिया जायेगा. इसे लेकर रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है. साथ ही कई एफिलिएटेड कॉलेज को मान्यता प्रदान की गयी.

घाटे का 11 अरब का बजट पारित

सदन ने विवि के घाटे का 11 अरब, 21 करोड़, 74 लाख, 84 हजार 883 रुपये को पारित कर दिया. अब 17 जनवरी को होने वाली सीनेट की बैठक में बजट को रखा जायेगा. यहां से पारित होने पर सरकार को भेजा जायेगा. साथ ही सीनेट बैठक के खर्च का बजट 14 लाख की राशि की मंजूरी प्रदान की गयी.

डॉ आनंद मिश्रा के मामले में दो सदस्य भीड़े

सदन में परीक्षक सह महादेव सिंह कॉलेज के शिक्षक डॉ आनंद मिश्रा मामले को लेकर सदन कुछ देर के लिए गर्म रहा. दरअसल, डॉ मिश्रा को निलंबन मुक्त किये जाने पर सदस्य डॉ संजीव कुमार सिंह ने प्रस्ताव रखा. उन्होंने घटना की निंदा की. कहा कि इसके लिए शिक्षक लिखित व मौखिक रूप में प्रभारी कुलपति से माफी मांग ली है. ऐसे में उन्हें माफ कर दिया जाये. उनका निलंबन वापस हो. वहीं अगर निलंबन वापस नहीं होता है, तो सीनेट की बैठक में शामिल नहीं हो पायेंगे.

इस बाबत सिंडिकेट सदस्य सह कॉलेज जीबी के सदस्य डॉ शैलेश प्रसाद ने आपत्ति जतायी. कहा कि विवि के पत्र के आधार पर उनका निलंबन किया गया है. उनका निलंबन वापस नहीं होगा. इसे लेकर सदस्य डॉ संजीव कुमार सिंह ने तल्ख तेवर में कहा कि प्रभारी कुलपति ने माफ किया है. ऐसे में अब कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है. सदस्य ने कहा कि माफी नहीं देने पर कॉपी जांच कर रहे परीक्षक मूल्यांकन कार्य बाधित कर सकते है. हालांकि, मामले में ठाेस निर्णय नहीं हो सका.

डॉ दीपो महतो के लियन का मामला फंसा

सदन में टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ दीपो महतो के लियन देने का मामला भी गरमाया. सदस्य डॉ शैलेश सिंह ने आपत्ति दर्ज कराते हुए नियम का हवाला देते हुए कहा कि विवि से लियन पर दूसरे संस्थान में शिक्षक काम करने जाते हैं. उन्हें वापस आने पर मूल स्थान पर एक दिन के लिए भी योगदान देना होता है. इस बाबत डॉ महतो ने नियम का पालन नहीं किया. सदन के अध्यक्ष प्रभारी कुलपति ने रजिस्ट्रार को नियम के बारे में जानकारी लेने के लिए कहा. वहीं, पीबीएस कॉलेज बांका के प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार सिंह व एसएम कॉलेज की प्राचार्य प्रो निशा झा को लियन दिये जाने पर मंजूरी मिली.

आठ कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा

सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने सदन में विवि के आठ अंगीभूत काॅलेज की जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण किये जाने का मुद्दा उठाया. कहा कि विवि स्तर से इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी. प्रभारी कुलपति ने तुंरत विवि के स्टेट पदाधिकारी को मामले में जांच कर अविलंब रिपोर्ट विवि प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजने का निर्देश दिया.

आंबेडकर की आदमकद प्रतिमा लगाने की मंजूरी

बैठक में पीजी आंबेडकर विभाग कैंपस में आंबेडकर की आदमकद प्रतिमा लगाने की मंजूरी सदन से मिल गयी है. प्रतिमा लगाने को लेकर विवि की कमेटी ने रिपोर्ट सदन में सौंपा. इसके आधार पर मंजूरी दी गयी है. विभाग के सामने खाली जमीन पर ही प्रतिमा स्थापित की जायेगी.

इन पर हुई चर्चा

– बैठक में विवि स्टेडियम के मालिकाना हक को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट प्रभारी कुलपति के समक्ष रखा गया.

– एमएएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ अवधेश रजक को शर्त के साथ वित्तीय अधिकार मिला. अब भुगतान चेक पर उनके साथ एक और व्यक्ति भी शामिल होंगे.

– एक ही सत्र में दो डिग्री लेने मामले प्रभाष कुमार व अमीरउद्दीन सदन ने निर्णय लिया कि दूसरी डिग्री रद्द होगी

– एसएसवी कॉलेज कहलगांव के शिक्षक एक कोर्स के लिए बाहर जाने पर लियन दिये जाने के मामले में नहीं बनी बात

– मुरारका कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ कौशलेंद्र प्रसाद सिंह का स्थानांतरण टीएनबी कॉलेज में किये जाने पर प्रभारी कुलपति ने कहा कि ऐसे और मामलों को लेकर कमेटी बनायी जायेगी. कमेटी के रिपोर्ट को राजभवन भेज कर अनुमति ली जायेगी.

– अनुकंपा पर बहाल कर्मियों को वेतन नहीं मिलने का मामला उठा

– संविदा पर बहाल कर्मियों को बढ़ाया मानदेय नहीं मिलने का भी मामला उठाया

– अग्रो-इक्नॉमिक्स रिसर्च सेंटर के रिसर्च पदाधिकारी डॉ राम बालक चौधरी के सेवा संपुष्टि की तिथि का मुद्दा उठा

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Author: ATUL KUMAR

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