Bhagalpur News: भागलपुर जिले में दो रेल प्रोजेक्ट्स विक्रमशिला से कटारिया न्यू डबल रेल लाइन और गोड्डा से पीरपैंती नई रेल लाइन अब तक भूमि अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया के कारण शुरू नहीं हो सकी है. कहलगांव में जिला प्रशासन की हाई लेवल बैठक के बाद इन योजनाओं में गति आने की उम्मीद है. डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहलगांव में गोड्डा-पीरपैंती और विक्रमशिला-कटारिया रेल प्रोजेक्ट्स के भूमि अधिग्रहण की समीक्षा की.
डीएम ने क्या निर्देश दिया
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन के लिए प्रभावित रैयतों से प्रतिदिन आवेदन लिए जाएं. कैंप लगाकर वंशावली तैयार करने और एलपीसी निर्गत करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि अधिग्रहण के काम में फालतू में देरी न हो.
यह परियोजना प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में चल रही है और भागलपुर जिले में इसका लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा प्रस्तावित है. बैठक में कहलगांव और पीरपैंती में चल रहे थर्मल पावर परियोजनाओं और विक्रमशिला विश्वविद्यालय से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई.
समीक्षा बैठक के बाद डीएम ने विक्रमशिला-कटारिया रेल लाइन के सर्वे क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने अमीनों की रिपोर्ट देखी और रेलवे अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली. कहलगांव के सीओ को निर्देश दिया कि सभी रैयतों से संबंधित जमीन का डिटेल्स कलद जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए.
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3 वर्षों में काम पूरा करने का लक्ष्य
विक्रमशिला से कटारिया तक प्रस्तावित न्यू डबल रेल पुल 26.23 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें गंगा नदी पर चार किलोमीटर लंबा पुल भी शामिल है. 2178 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
पीरपैंती-गोड्डा नई रेल लाइन 57 किलोमीटर लंबी होगी. इस पर 282 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस रेल लाइन के निर्माण से भागलपुर से झारखंड के लिए एक और रेल रूट तैयार होगा. इससे भविष्य में ट्रेनों के संचालन में सहूलियत मिलेगी.
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