bhagalpur news. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरल तकनीक का करें विकास - आयुक्त

राष्ट्रीय किसान मेला 2026 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अविनाश कुमार सिंह एवं जिला पदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी उपस्थित हुए

राष्ट्रीय किसान मेला 2026 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अविनाश कुमार सिंह एवं जिला पदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी उपस्थित हुए. कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने किया. विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मिजनुल हक ने स्वागत भाषण दिया. इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय गीत एवं विश्वविद्यालय मीडिया कर्मी की पुत्री शिवानी कुमारी के द्वारा मखाना गीत गाकर स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुतियों से अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. समापन समारोह के अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में किसानों, कृषि उद्यमियों, विद्यार्थियों एवं आमजनों की सहभागिता से मेले की शोभा और भी बढ़ गई. आयुक्त मुख्य अतिथि अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत है, जिनकी आय सीमित है. उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की है कि वह ऐसे किसानों पर विशेष ध्यान देते हुये उनकी आय बढ़ाने के लिए व्यावहारिक एवं सरल तकनीक का विकास करे. कहा कि बीएयू इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है. स्टॉलों का मूल्यांकन कर किया गया पुरस्कृत

अंतिम दिन समापन समारोह के दौरान नवाचारी किसानों को सम्मानित किया गया, जिसमें मुंगेर की पूनम देवी, भागलपुर की बबीता कुमारी, मुंगेर के विजय कुमार सिंह एवं भागलपुर की वंदना कुमारी प्रमुख रही. इन किसानों को उनके उत्कृष्ट कृषि कार्यों एवं नवाचारों के लिये सम्मानित किया गया. मेले में लगाये गए विभिन्न स्टाॅलों का भी मूल्यांकन कर उन्हें पुरस्कृत किया गया. सस्य विज्ञान विभाग सबौर को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का प्रथम स्थान प्राप्त हुआ. जबकि महाविद्यालय श्रेणी में बक्सर को प्रथम स्थान मिला. इसके अतिरिक्त शोध से समाधान मंडप सबे गिरीस पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर, सीआइपीएम पटना, बिहार पशु महाविद्यालय पटना, आइसीएआर पटना, आइएआरआइ पूसा समस्तीपुर तथा नाबार्ड जैसे संस्थानों के स्टॉल भी शोध एवं नवाचार के लिये सम्मानित किया गया. समापन कार्यक्रम के दौरान प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों एवं विभिन्न समाचार पत्रों और प्रसार माध्यमों के पत्रकारों को भी मेले में उत्कृष्ट कवरेज के लिये सम्मानित किया गया.

ऐसे आयोजन से किसानों को मिलती है नई जानकारी – डीएम

जिला पदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के किसान मेले का आयोजन होने से किसानों को नई तकनीक की जानकारी मिलती है एवं पूरे राज्य के कृषि विकास को गति मिलती है. उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इसका लाभ बिहार के प्रत्येक जिले तक पहुंच रहा है. अपने अध्यक्षीय संबोधन में बीएयू सबौर के कुलपति प्रो डॉ दुनिया राम सिंह ने कहा कि इस तीन दिवसीय मेले में लगभग 50 से 55 हजार लोगों की भागीदारी रही तथा 163 से अधिक संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हुआ. कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर किसानों का मंदिर है, जिसका द्वार सदैव किसानों के लिए खुला हुआ है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार के किसान अपनी मेहनत और नवाचार के बल पर राज्य को अगली हरित क्रांति का केंद्र बनाएंगे. साथ ही उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र में उद्यमिता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया. कार्यक्रम के अंत में किसान मेले में संयोजक एवं विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आरएन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों, किसानों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया.

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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