विक्रमशिला सेतु पर खत्म नहीं हुई परेशानी, बेली ब्रिज बनने के बाद भी घंटों जाम में फंस रहे हजारों लोग

Vikramshila Bridge Traffic Jam : विक्रमशिला सेतु पर यातायात सुचारु करने के लिए बनाया गया बेली ब्रिज फिलहाल लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है. जहान्वी चौक से लेकर बेली ब्रिज तक वाहनों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं. घंटों जाम में फंसने से यात्रियों, मरीजों और विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

भागलपुर, गोपालपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए गए बेली ब्रिज के बावजूद जाम की समस्या कम नहीं हुई है. दिनभर वाहनों का दबाव इतना अधिक रहता है कि जहान्वी चौक, जीरो माइल और बेली ब्रिज के पहुंच पथ पर लंबी कतारें लग जाती हैं. इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जाह्नवी चौक से बेली ब्रिज तक वाहनों की लंबी कतार

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से ही सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगता है. जहान्वी चौक से लेकर बेली ब्रिज तक लंबी कतारें दिखाई देती हैं. दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों की वजह से स्थिति और गंभीर हो जाती है. कई बार वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं. यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ता है. इससे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है.

सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा परेशानी

जाम की समस्या विशेष रूप से पीक ऑवर में विकराल रूप ले लेती है. सुबह कार्यालय और स्कूल जाने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. शाम के समय घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से दबाव और बढ़ जाता है. जीरो माइल और पहुंच पथ पर वाहनों की रफ्तार लगभग थम जाती है. लोगों को छोटी दूरी तय करने में भी लंबा समय लग रहा है. स्थिति से आमजन में नाराजगी देखी जा रही है.

एंबुलेंस और मरीज भी जाम में फंसने को मजबूर

जाम का सबसे अधिक असर मरीजों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है. कई बार एंबुलेंस भी वाहनों की लंबी कतार में फंस जाती हैं. समय पर अस्पताल पहुंचना मरीजों के लिए चुनौती बन गया है. गर्मी और उमस के बीच लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है. बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं.

स्थानीय लोग इसे गंभीर समस्या मान रहे हैं.

व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

व्यवसायियों का कहना है कि लगातार जाम की वजह से कारोबार प्रभावित हो रहा है. माल ढुलाई में देरी होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. दैनिक यात्रियों को भी समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में एक से दो घंटे लग रहे हैं. इसका असर नौकरीपेशा लोगों और छात्रों पर भी पड़ रहा है. लोग जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

प्रशासन से अतिरिक्त व्यवस्था की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है. उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जरूरत बताई है. भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने की भी मांग उठाई गई है. लोगों का कहना है कि बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से राहत मिल सकती है. इसके लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है. प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है.

नाव और स्टीमर सेवा को लेकर भी उठी मांग

स्थानीय लोगों ने भागलपुर-नवगछिया के बीच नाव और स्टीमर सेवा को पहले की तरह निशुल्क करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा. लोगों को आवागमन का वैकल्पिक साधन उपलब्ध हो सकेगा. नदी मार्ग से यात्रा करने वालों को भी राहत मिलेगी. स्थानीय नागरिकों ने इसे व्यावहारिक समाधान बताया है. हालांकि स्थायी समाधान के लिए पुल की समस्या का पूर्ण निराकरण जरूरी माना जा रहा है.

स्थायी समाधान की राह देख रहे लोग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्थाओं से समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है. बेली ब्रिज बनने के बाद भी जाम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. लोग बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और दीर्घकालिक योजना की मांग कर रहे हैं. विक्रमशिला सेतु क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए ठोस कदम जरूरी हैं. जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, परेशानी जारी रहने की आशंका है. हजारों यात्रियों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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