भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
Vikramshila Bridge: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर हाल ही में लगाए गए सात फीट ऊंचे स्थायी बैरियर का उद्देश्य ओवरलोड और अधिक ऊंचाई वाले वाहनों की आवाजाही रोककर यातायात को सुरक्षित बनाना है. हालांकि, अब स्थानीय कारोबारी और ट्रांसपोर्टर दावा कर रहे हैं कि इस व्यवस्था से छोटे मालवाहक वाहन भी प्रभावित हो रहे हैं. उनका कहना है कि इसके कारण माल ढुलाई के लिए मुंगेर या जलमार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं.
रोजाना 400 से अधिक मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित
इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं थोक खाद्यान्न कारोबारी रूपेश वैद के अनुसार, भागलपुर मुख्य बाजार और गंगा के दक्षिणी क्षेत्र से प्रतिदिन 300 से 400 मालवाहक वाहन नवगछिया की ओर जाते हैं. इनमें पिकअप और 207 जैसे छोटे मालवाहक वाहन भी शामिल हैं. उनका कहना है कि बैरियर लगने के बाद इन वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है.
Vikramshila Bridge: कारोबारियों ने बढ़ी लागत पर जतायी चिंता
थोक मसाला कारोबारी विनोद जैन का कहना है कि बैरियर की ऊंचाई कम होने से कई एसयूवी और छोटे मालवाहक वाहन भी मुश्किल से गुजर पा रहे हैं. व्यापारियों का आरोप है कि वैकल्पिक रूप से जहाज से माल भेजने में भी कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं. कुछ कारोबारियों ने जहाज पर वाहनों की चढ़ाई को लेकर भी अव्यवस्था की शिकायत की है. ये दावे संबंधित कारोबारियों के हैं.
चूड़ा कारोबार पर भी पड़ा असर
अलीगंज के थोक चूड़ा कारोबारी मनीष कुमार के अनुसार, क्षेत्र की 12 चूड़ा मिलों से प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपये का कारोबार नवगछिया क्षेत्र में होता है. उनका कहना है कि बैरियर लगने के बाद पिकअप वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से माल समय पर नहीं पहुंच पा रहा है. मुंगेर होकर जाने पर ढुलाई लागत बढ़ रही है और व्यापार प्रभावित हो रहा है.
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
व्यापारियों और उद्यमियों ने इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा चेंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से नगर विधायक से प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकालने की मांग की है. उनका कहना है कि सुरक्षा और व्यापार, दोनों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है.
बैरियर लगाने का उद्देश्य क्या है?
प्रशासन ने विक्रमशिला सेतु पर सात फीट ऊंचा स्थायी बैरियर ओवरलोड और अधिक ऊंचाई वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया है. इसका उद्देश्य सेतु पर जाम कम करना और दुर्घटनाओं की आशंका घटाना है. बैरियर लगने के बाद कई वाहन या तो वापस लौट रहे हैं या उन्हें सामान उतारकर आगे बढ़ना पड़ रहा है.
अब व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन सुरक्षा से समझौता किए बिना ऐसा व्यावहारिक समाधान निकाले, जिससे स्थानीय व्यापार और माल ढुलाई भी प्रभावित न हो.
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