bhagalpur news. कूड़े का पहाड़ उठा नहीं पाये तो लगा दी आग, धुएं से राहगीरों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी

भागलपुर सिटी में नगर निगम की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है.

भागलपुर सिटी में नगर निगम की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. सफाई का जिम्मा संभाल रही एजेंसियां एक करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक की राशि हर महीने वसूलने के बावजूद कूड़ा उठाने में नाकाम साबित हो रही है. डेढ़ साल तक चले विरोध और हंगामे के बावजूद न तो एजेंसी बदली, न ही व्यवस्था में सुधार दिखा. नतीजा यह है कि दुर्गापूजा जहां नालों के कीचड़ और कूड़े के ढेर के बीच बीती, वहीं अब दिवाली भी गंदगी के साये में गुजरने को है. दिवाली आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन सफाई एजेंसी की गतिविधियां एकदम ठप है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब कई जगह एजेंसी के कर्मी कूड़ा उठाने के बजाय उसमें आग लगाने लगे हैं. ताजा मामला शिवपुरी कॉलोनी मोड़ स्थित यूनियन बैंक के पास की है, जहां कूड़े के पहाड़ बनते देखकर उसमें आग लगा दी गयी. इससे उठते घने धुएं ने आसपास के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया. राहगीरों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि स्थानीय लोग अपने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने को मजबूर हो गये.

कल तक नगर सरकार उठा रही थी आवाज, अब साध ली चुप्पी

लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन को उनके ही पार्षदों ने बार-बार शिकायत की, तो कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. हमलोगों की शिकायत को कहां से वह गंभीरता से लेंगे. आरोप है कि एजेंसी को निगम प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए उसके खिलाफ किसी तरह की सख्त कार्रवाई नहीं होती. कल तक तो नगर सरकार आवाज उठा रही थी और अभी वह भी चुप्पी साध ली है. अब दिवाली जैसे बड़े त्योहार के पहले शहर के कई इलाकों में फैली गंदगी से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो दीपोत्सव की खुशियां धुएं और बदबू में घिर सकती है.

डंपिंग प्वाइंट को कम करने का आदेश बेअसर

शहर में डंपिंग प्वाइंट को कम करने का आदेश बेअसर है. पिछले तीन नगर आयुक्त की ओर से आदेश जारी होता रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर अमल में नहीं लाया जा सका. मुख्य मार्ग से लेकर गली-मोहल्ले तक में डंपिंग प्वाइंट का भरमार है. दिन भर कूड़ा पड़ा रहता है. रात में कहीं उठता है, तो ज्यादातर जगहों पर दो-दो दिन तक कूड़ा पड़ा रहता है.

ठंडे बस्ते में मटेरियल रिकवरी सेंटर निर्माण योजना

शहर में कचरा निस्तारण और पृथकीकरण बड़ी चुनौती बना हुआ है. डंपिंग ग्राउंड में कचरे का पहाड़ बढ़ता जा रहा है क्योंकि, यहां प्रोसेसिंग प्लांट की सुविधा नहीं है. इसी बीच राहत भरी खबर आयी थी कि साढ़े सात एकड़ जमीन पर मटेरियल रिकवरी सेंटर बनाया जायेगा, जिसके लिए केंद्र सरकार ने फंड मंजूर कर दिया है. प्रस्तावित प्लांट में प्रतिदिन 100 टन कचरे का निस्तारण और जैविक खाद तैयार की जायेगी, लेकिन यह मामला भी पिछले कई महीनें से ठंडे बस्ते में है.

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Author: ATUL KUMAR

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