Bhagalpur news तीसरी सोमवारी पर दो लाख से अधिक कांवरिया गये बाबाधाम

बोल बम के जयकारों के साथ दो लाख से अधिक कांवरिया बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हुए.

श्रावणी मेला की तीसरी सोमवारी पर मूसलधार बारिश ने कांवरियों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं जल जमाव ने परेशानी खड़ी कर दी. बोल बम के जयकारों के साथ दो लाख से अधिक कांवरिया बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हुए. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, ओडिशा, असम, महाराष्ट्र व नेपाल से कांवरिये गंगाजल लेने पहुंचे. श्रद्धालुओं ने अजगैवीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर संकल्प लिया और गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर बढ़ चले. डाक बम की संख्या भी इस बार काफी अधिक रही. कांवरिया पथ पर श्रद्धालु फिसलते हुए गीले रास्तों पर चलते नजर आये. हालांकि, बारिश से उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आयी. पूरे मार्ग में बोल बम के जयघोष गूंजते रहे.

डीएसपी और थानाध्यक्ष ने लिया जायजा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट नजर आयी. गंगा घाटों और मुख्य मार्गों पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी. जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात थे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. भागलपुर डीएसपी नवनीत कुमार और सुलतानगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार दल-बल के साथ सुबह से ही गंगा घाट, अजगैवीनाथ मंदिर परिसर और कांवरिया पथ की निगरानी करते नजर आये. उन्होंने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये. अजगैवीनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने बताया कि यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्राचीन केंद्र है. भक्त बाबा से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-शांति की कामना कर कांवर उठा रहे थे. तीसरी सोमवारी को सरकारी आंकड़ा कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शाम पांच बजे तक 2,20,544 सामान्य कांवरिया बाबाधाम को रवाना हुए. डाकबम में 76 महिला सहित 2762 डाकबम प्रमाणपत्र लेकर बाबानगरी प्रस्थान किया.

सावन की सोमवारी को गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाबकहलगांव. सावन की तीसरी सोमवारी पर सुप्रसिद्ध बाबा बटेश्वर स्थान और कहलगांव के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर भगवान भोलेनाथ पर जल अर्पित किया. श्रद्धालु जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर, बाबा दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर और अर्धनारीश्वरी मंदिर में जल चढ़ाने पहुंचे. पुनः जल भरकर अपने-अपने क्षेत्र के प्राचीन भदेश्वर नाथ महादेव मंदिर, एनटीपीसी स्थित शिवा शिव मंदिर और ग्रामीण इल���कों के ओगरी, सौर, महेशामुंडा, कैरिया, भल्लू सहित झारखंड सीमा के अन्य प्राचीन मंदिरों की ओर रवाना हुए. बटेश्वर स्थान में केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ के तत्वावधान में नित्य प्रतिदिन की भांति गंगा महाआरती हुई. महाआरती में रेलवे रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान, अनुराधा खेतान सहित कई गणमान्य व भारी संख्या में दूर-दराज़ से आये श्रद्धालु शामिल हुए. अनुमंडल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारी, स्थानीय गोताखोर, एसडीआरएफ टीम, पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को नियुक्त किया गया था.

कांवरिया पथ पर पसरा कीचड़, आस्था में नहीं थमे कदम

श्रावणी मेला के दौरान लगातार बारिश से कांवरिया पथ की हालत बदतर हो गयी है लेकिन आस्था की राह पर कांवरियों के कदम थमे नहीं हैं. कच्चे पथ पर कीचड़, फिसलन और जलजमाव ने कठिनाइयां जरूर बढ़ायी हैं, मगर श्रद्धालुओं की श्रद्धा हर बाधा पर भारी पड़ रही है. सुबह से शाम तक कांवरियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है और सोमवारी को लेकर यह उत्साह चरम दिखा. न्यू बायपास के समीप कांवरिया पथ पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. बालू और मिट्टी से बने रास्ते पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं. कांवरिए जल जमाव के बीच से गुजरते हुए बोल बम के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. भीगते शरीर और फिसलते पांव के बावजूद उनके चेहरे पर शिव भक्ति का उत्साह साफ झलकता है.

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Published by: Jitendra tomar

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