पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग मामले में दो आरोपियों को मिली सजा

दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को सजा सुनायी है.

एडीजे (छह ) सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने सुनायी सजा अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में जीआरपी के कांस्टेबल को मिली 15 वर्ष सश्रम सजा सात वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 21 वर्ष की सुनायी सजा लखीसराय. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (छह) सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट लखीसराय श्वेता वर्मा की कोर्ट ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को सजा सुनायी है. साथ में दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक गुप्तेश्वर सिंह ने बताया कि पहले मामले में झाझा रेल थाना कांड संख्या व पोक्सो केस नंबर 83/2015 के तहत आरोपी जीआरपी के कांस्टेबल सह जहानाबाद जिला के झांसी थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर निवासी चंद्रदेव सिंह के पुत्र धनंजय कुमार सिंह को 15 वर्ष की सजा सुनायी गयी है. वहीं एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. अर्थदंड नहीं दिये जाने पर छह माह अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है. उन्होंने बताया कि कांस्टेबल पर आठ नवंबर 2015 को एक नाबालिग लड़के के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किये जाने को लेकर मामला दर्ज किया गया था. जिसमें दोषी पाये जाने पर सजा सुनायी गयी है. जिसमें सेक्सन छह पॉक्सो के तहत 15 वर्ष की सश्रम सजा एवं एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है. अर्थदंड नहीं दिये जाने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है. वहीं 323 आईपीसी के तहत एक वर्ष की साधारण सजा एवं पांच सौ रुपये अर्थदंड लगाया गया है. जिसमें अर्थदंड नहीं दिये जाने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है. जबकि 341 आईपीसी में एक माह की साधारण सजा सुनायी गयी है. अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक गुप्तेश्वर सिंह एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता रवि विलोचन वर्मा पैरवी कर रहे थे. एपीपी श्री सिंह ने बताया कि वहीं दूसरा मामला महिला थाना कांड संख्या 14/2022 का जिसमें पॉक्सो केस नंबर 15/2022 के तहत सुनवाई करते हुए आरोपी सह कवैया थाना क्षेत्र के किऊल बस्ती गोसाईं टोला में किराये पर रहने वाले सह शेखपुरा जिला के मूल निवासी चांदो राम के पुत्र मनीष कहार उर्फ साधू राम को सेक्सन छह पॉक्सो के तहत 21 वर्ष की सश्रम सजा सुनायी गयी है. वहीं 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है. अर्थदंड नहीं दिये जाने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है. श्री सिंह ने बताया कि 24 अप्रैल 2022 को एक सात वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म किये जाने के मामले में दोषी पाये जाने पर माननीय न्यायालय के द्वारा सजा सुनायी गयी है. मामले अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक गुप्तेश्वर सिंह एवं आरोपी को एलडीसी की ओर से उपलब्ध कराये गये अधिवक्ता कमलेश कुमार बचाव पक्ष से पैरवी कर रहे थे.

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