भागलपुर से मनोज कुमार की रिपोर्ट Bhagalpur News : समाज सुधारक एवं स्वतंत्रता सेनानी राजा राममोहन राय की जयंती सोमवार को भागलपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर समाहरणालय परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए. भागलपुर के उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. उनके साथ डीआरडीए निदेशक समेत जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारियों ने भी पुष्प अर्पित कर राजा राममोहन राय को याद किया.
अधिकारियों व कर्मचारियों ने रखा दो मिनट का मौन
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर समाज सुधारक को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि राजा राममोहन राय आधुनिक भारत के निर्माता थे. उन्होंने सती प्रथा, बाल विवाह और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई. शिक्षा के प्रसार और महिला सशक्तिकरण के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. डीआरडीए निदेशक ने कहा कि राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना कर समाज में वैज्ञानिक सोच और तर्कवाद को बढ़ावा दिया. अंग्रेजी शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह और महिलाओं के संपत्ति अधिकार के लिए उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा देता है.कार्यक्रम में अधिकारियों ने उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया. वक्ताओं ने कहा कि 19वीं सदी में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले राजा राममोहन राय के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं. उन्होंने युवा पीढ़ी से उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज निर्माण में योगदान देने की अपील की.गौरतलब है कि राजा राममोहन राय को ”भारतीय पुनर्जागरण का जनक” कहा जाता है. उन्होंने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की और सती प्रथा को खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई. भागलपुर में हर साल उनकी जयंती पर जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाता है.
