मॉडल सदर अस्पताल में आज की ओपीडी में जानिये डॉक्टर की ड्यूटी
Bhagalpur Hospital Update : भागलपुर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में मंगलवार के लिए ओपीडी शेड्यूल जारी कर दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की है. प्रशासन का कहना है कि ओपीडी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित होगी. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों से समय पर पहुंचकर पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि उन्हें इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े. अस्पताल परिसर में मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई है.
मेडिसिन विभाग में तीन डॉक्टर करेंगे जांच
मेडिसिन विभाग में मंगलवार को डॉ आरपी जायसवाल, डॉ पंकज और डॉ चंदन तिवारी मरीजों की जांच करेंगे. सामान्य बीमारी, बुखार, ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मरीज यहां परामर्श ले सकेंगे.
ऑर्थो और शिशु रोग विभाग में भी रहेगी विशेष व्यवस्था
ऑर्थो विभाग में डॉ मनोज गुप्ता, डॉ रामाशेखर और डॉ अविनाश ड्यूटी पर रहेंगे. हड्डी, जोड़ और चोट से संबंधित मरीजों का इलाज किया जाएगा. वहीं शिशु रोग विभाग में डॉ कुंदन, डॉ मिथिलेश, डॉ स्नेहा भूषण और डॉ शशिभूषण बच्चों की जांच करेंगे. बच्चों में बुखार, संक्रमण और अन्य बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
स्त्री-प्रसव विभाग में महिला मरीजों के लिए तैनात रहेंगी विशेषज्ञ डॉक्टर
स्त्री एवं प्रसव विभाग में डॉ रश्मि, डॉ ज्योति, डॉ तनूजा, डॉ फौजिया और डॉ अर्चना भारती ड्यूटी पर रहेंगी. महिला मरीजों को गर्भावस्था, प्रसव और अन्य स्त्री रोग संबंधी परामर्श और इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.
सर्जरी, ईएनटी और डेंटल विभाग में भी डॉक्टर मौजूद
सर्जरी विभाग में डॉ अभिषेक, डॉ विप्लव बलराज और डॉ शुभम सार्थक मरीजों को देखेंगे. वहीं ईएनटी विभाग में डॉ प्रिंस तैनात रहेंगे. डेंटल विभाग में डॉ स्वप्निल और डॉ प्रमोद मरीजों के दांत और मुंह से जुड़ी समस्याओं का इलाज करेंगे.
अस्पताल प्रशासन ने की विशेष तैयारी
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि ओपीडी में रोजाना आने वाली मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.