भागलपुर. टीएनबी कॉलेज में शिक्षक संघ की आमसभा गुरुवार को आयोजित की गयी. बैठक में विभिन्न समस्याओं और सांगठनिक मुद्दों को लेकर शिक्षकों के बीच जमकर बहस हुई. विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (भुस्टा) के आगामी चुनाव के लिए कॉलेज शिक्षक संघ की ओर से भेजे गये डेलीगेट्स के चयन को लेकर मतभेद खुलकर सामने आया. कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बिना आमसभा को जानकारी दिये और जरूरी प्रक्रिया पूरी किये बिना ही पांच शिक्षकों के नाम डेलीगेट्स के रूप में भेज दिये गये. हालांकि, शिक्षक संघ के सचिव ने चयन में किसी तरह के फेरबदल की संभावना से इनकार किया.
गुपचुप तरीके से डेलीगेट्स भेजने पर शिक्षकों ने जताया रोष
आमसभा में कॉलेज शिक्षक संघ की ओर से भुस्टा चुनाव के लिए पांच डेलीगेट्स के नाम भेजे जाने को लेकर शिक्षकों ने विरोध जताया. डॉ अजीत कुमार ने भुस्टा के दो वर्ष पुराने एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार डेलीगेट्स के नामों का चयन और अनुमोदन महाविद्यालय इकाई की आमसभा से होना चाहिए था.
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के सचिव ने आमसभा की अनिवार्य सहमति लिये बिना अपने स्तर से डेलीगेट्स के नाम भेज दिये. टीएनबी शिक्षक संघ कार्यकारिणी सदस्य डॉ रविशंकर कुमार चौधरी ने भी बिना शिक्षकों को जानकारी दिये और जरूरी प्रक्रिया पूरी किये डेलीगेट्स भेजने का विरोध किया. इसे लेकर उन्होंने संघ के कामकाज में मनमानी का आरोप लगाया.
डेलीगेट्स में पांच शिक्षकों के नाम
बताया गया कि शिक्षक संघ के सचिव डॉ निर्लेश कुमार, अध्यक्ष डॉ मुस्तफिक आलम, डॉ जावेद अख्तर, डॉ चंदन कुमार और डॉ कुमार कार्तिक को डेलीगेट्स के रूप में चयनित किया गया है. संघ की ओर से इन्हीं पांच नामों को भुस्टा चुनाव के लिए भेजा गया है. आमसभा में इन नामों के चयन की प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों ने सवाल उठाये.
भुस्टा की वैधानिक स्थिति पर भी उठे सवाल
आमसभा में भुस्टा की वैधानिक स्थिति को लेकर भी शिक्षकों ने सवाल उठाये. सीनेट सदस्य डॉ राजेश कुमार तिवारी और डॉ राजीव सिंह ने कहा कि सबसे पहले भुस्टा का विधिवत निबंधन कराया जाना चाहिए. इसके साथ ही संघ के परिनियम और उपनियम तैयार किये जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि संघ का गठन, संचालन और चुनाव प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के आधार पर होनी चाहिए. शिक्षकों ने संगठन की प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाने पर जोर दिया.
पूर्ण पीजी कॉलेज का दर्जा और एनपीएस का मुद्दा भी उठा
आमसभा में शिक्षकों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई. शिक्षकों ने टीएनबी कॉलेज को जल्द पूर्ण पीजी कॉलेज का दर्जा दिलाने की मांग की. इसके अलावा शिक्षकों के एनपीएस कंट्रीब्यूशन की राशि उनके खातों में अविलंब जमा कराने का मुद्दा भी उठाया गया.
शिक्षकों ने कहा कि एनपीएस की राशि जमा नहीं होने से कर्मचारियों और शिक्षकों को आर्थिक एवं भविष्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इस मामले में संघ की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष ठोस पहल करने पर सहमति जतायी गयी.
डेलीगेट्स का नाम तय हो चुका : सचिव
टीएनबी कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव डॉ निर्लेश कुमार ने कहा कि डेलीगेट्स के नाम पहले ही तय हो चुके हैं और इसमें अब फेरबदल की गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि आमसभा में शिक्षकों से पूछा गया था कि डेलीगेट्स में शामिल किसी शिक्षक के नाम पर आपत्ति है तो सदन को बताया जाये. सचिव के अनुसार, किसी शिक्षक ने चयनित डेलीगेट्स के नाम पर आपत्ति दर्ज नहीं करायी. इसके बाद यह माना गया कि सदन में मौजूद शिक्षकों को डेलीगेट्स का चयन मान्य है.
बिना निर्णय के पूरी हुई आमसभा
डेलीगेट्स चयन को लेकर शिक्षकों के बीच मतभेद के बावजूद आमसभा की प्रक्रिया पूरी की गयी. बैठक में विभिन्न सांगठनिक और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन डेलीगेट्स के चयन को लेकर उठे सवालों पर कोई नया निर्णय नहीं हो सका.
