तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के स्नातकोत्तर (PG) गणित और फिजिक्स (भौतिकी) सेमेस्टर टू की परीक्षा में बाहर से लिखी गई उत्तरपुस्तिका लाकर मूल कॉपी में शामिल करने के गंभीर मामले में हलचल तेज हो गई है. परीक्षा विभाग द्वारा मांगे गए कारण बताओ नोटिस (Show-cause) का जवाब दोनों विभागों के विभागाध्यक्षों (Head of Departments) ने दे दिया है. अब इस मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का फैसला प्रभारी कुलपति प्रो. बीएस झा के स्तर से लिया जाएगा.
प्रभारी कुलपति को सौंपी जाएगी पूरी रिपोर्ट
मामले की जानकारी देते हुए टीएमबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने बताया:
- जवाब दाखिल: पीजी गणित और फिजिक्स विभाग के हेड द्वारा दिए गए शो-कॉज नोटिस का जवाब प्राप्त हो चुका है.
- अगली कार्रवाई: रविवार को जवाब सहित पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रभारी कुलपति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद कुलपति जांच समिति गठित करने या आगे की कानूनी/अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लेंगे.
तीन छात्र निष्कासित, यूनिवर्सिटी थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
उल्लेखनीय है कि 18 से 24 जुलाई के बीच मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पीजी सेमेस्टर टू की परीक्षा के दौरान तीन छात्र बाहर से लिखी उत्तरपुस्तिका मूल कॉपी में जोड़ते रंगे हाथों पकड़े गए थे:
- छात्रों की फरारी: पकड़े जाने और कार्रवाई के डर से आरोपी विद्यार्थी परीक्षा केंद्र से फरार हो गए थे.
- कड़ा रुख: मारवाड़ी कॉलेज के केंद्राधीक्षक प्रो. संजय कुमार झा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों छात्रों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया और विश्वविद्यालय थाना में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है.
विभागाध्यक्षों ने शो-कॉज में दी अपनी सफाई
कारण बताओ नोटिस के जवाब में दोनों विभागों के अध्यक्षों ने अपना पक्ष रखा है:
- गणित विभागाध्यक्ष (प्रो. अरविंद कुमार साह): उन्होंने बताया कि संबंधित परीक्षार्थियों से पूछताछ की गई थी, जिसमें छात्र ने दावा किया था कि वह उत्तरपुस्तिका बाहर से नहीं लाया था बल्कि परीक्षा हॉल में ही अतिरिक्त (Extra) उत्तरपुस्तिका ली थी.
- फिजिक्स विभागाध्यक्ष (प्रो. सुदेश जायसवाल): उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल को ही प्रश्नपत्र का सीलबंद पैकेट विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को सौंप दिया गया था. बिना किसी वजह के विभाग को इस मामले में घसीटा और बदनाम किया जा रहा है.
आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
मामले में आपराधिक पहलू की जांच कर रहे विवि थानाध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि पुलिस गहन जांच कर रही है. केंद्राधीक्षक से पूछताछ कर परीक्षा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं. फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी परीक्षार्थियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
