भागलपुर. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में एमएड नामांकन की प्रक्रिया में देरी को लेकर लोकभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. राज्यपाल के अपर सचिव संजय कुमार ने टीएमबीयू के कुलपति को पत्र भेजकर नामांकन प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति और इसमें हुई देरी के कारणों की जानकारी देने को कहा है. एमएड के सत्र 2025-27 और 2026-28 में एक साथ नामांकन की प्रक्रिया चलने के बीच लोकभवन की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन पर समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने का दबाव बढ़ गया है.
दो सत्रों में एक साथ चल रही नामांकन प्रक्रिया
टीएमबीयू की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार एमएड के दोनों सत्रों के लिए दो सितंबर से 13 सितंबर तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं. संयुक्त प्रवेश परीक्षा 20 सितंबर को निर्धारित है. इसके बाद 25 सितंबर को पहली मेधा सूची जारी की जाएगी और 28 सितंबर से एक अक्टूबर तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी.
ओएमआर शीट पर होगी प्रवेश परीक्षा
एमएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा ओएमआर शीट पर आयोजित की जाएगी. दोनों सत्रों की नामांकन प्रक्रिया एक साथ संचालित होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने परीक्षा, मेधा सूची और नामांकन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी करने की चुनौती है.
वीबी कॉलेज ने की थी देरी की शिकायत
एमएड नामांकन प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर वीबी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सबौर की सचिव डॉ. अरुणिमा चक्रवर्ती ने लिखित शिकायत की थी. शिकायत में नामांकन प्रक्रिया में देरी से उत्पन्न स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया था. इसके बाद अब लोकभवन की ओर से टीएमबीयू से पूरी प्रक्रिया और देरी के कारणों की जानकारी मांगी गयी है.
एनसीटीई से मान्यता बहाल, संबद्धता के लिए कानूनी नोटिस
इधर वीबी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सबौर ने एनसीटीई से मान्यता बहाल होने के बाद टीएमबीयू से एमएड पाठ्यक्रम की संबद्धता बहाल करने की मांग की है. कॉलेज की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को कानूनी नोटिस भेजा गया है.
हाईकोर्ट के आदेश और एनसीटीई के निर्णय का दिया हवाला
कॉलेज की ओर से भेजे गये कानूनी नोटिस में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश, एनसीटीई के निर्णय और बहाली आदेश को विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में लेने की मांग की गयी है. साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए कॉलेज की संबद्धता पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है.
15 दिनों में निर्णय से अवगत कराने की मांग
कानूनी नोटिस में टीएमबीयू से 15 दिनों के भीतर निर्णय से अवगत कराने की मांग की गयी है. कॉलेज की ओर से कहा गया है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई या निर्णय नहीं होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय या संबंधित फोरम में कानूनी उपाय अपनाया जाएगा.
अब विश्वविद्यालय के फैसले पर टिकी नजर
एक ओर एमएड नामांकन प्रक्रिया में देरी को लेकर लोकभवन ने विश्वविद्यालय से रिपोर्ट मांगी है, वहीं दूसरी ओर वीबी कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने एनसीटीई से मान्यता बहाल होने का हवाला देते हुए संबद्धता की मांग उठायी है. ऐसे में अब विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट और संबद्धता को लेकर लिये जाने वाले निर्णय पर नजर बनी हुई है.
