bhagalpur news. 11 माह से टीएमबीयू के पास खिलाड़ियों का 96 हजार, भुगतान के लिए भटक रहे

टीएमबीयू में खेल व खिलाड़ी को लेकर अलग ही खेल चल रहा है. जब-जब विवि की टीम को प्रतियोगिता में भाग लेने बाहर जाना होता है

आरफीन जुबैर, भागलपुर टीएमबीयू में खेल व खिलाड़ी को लेकर अलग ही खेल चल रहा है. जब-जब विवि की टीम को प्रतियोगिता में भाग लेने बाहर जाना होता है, विवि के अधिकारी से लेकर अकाउंट्स शाखा में फाइल प्रक्रियाधीन कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. इसी कड़ी में विवि सत्र 2024-25 के तहत टीएमबीयू की क्रिकेट टीम अपना पैसा लगाकर भुवनेश्वर में आयोजित ईस्ट जोन प्रतियोगिता में भाग लेने गयी थी. उस समय टीम के जाने में हेने वाले खर्च को लेकर फाइल बढ़ायी गयी थी, लेकिन समय से कार्य पूरा नहीं हो सका. लिहाजा टीम के 16 सदस्यों ने छह-छह हजार रुपये देकर कुल 96 हजार रुपये जमा किये और उसी से प्रतियोगिता में भाग लेने गये. उस समय विवि प्रशासन की तरफ से कहा गया कि टीम के आने पर पैसे लौटा दिया जायेगा. खिलाड़ियों ने कहा कि लौटने के बाद विवि में कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन आजतक भुगतान नहीं हुआ. जब-जब विवि जाते हैं, वहां के अधिकारी केवल आश्वासन देकर लौटा देते हैं. खिलाड़ियों ने कहा कि टीम जाने से पहले करीब 15 दिनों तक अभ्यास कैंप लगाने की बात की जाती है, लेकिन बिना अभ्यास कैंपस के ही टीम को भेजा जाता है. ऐसे में प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पाता है. क्या है मामला टीएमबीयू सत्र 2024-25 के तहत 16 सदस्यीय क्रिकेट टीम ईस्ट जोन अंतर विवि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए केआइआइटी विवि भुवनेश्वर गयी थी. वहां नौ से 15 फरवरी तक प्रतियोगिता आयोजित की गयी. विवि प्रशासन की तरफ से टीम जाने के लिए टिकट आदि का पैसा मुहैया नहीं कराया गया था. इस बाबत टीम के 16 सदस्यों ने 96 हजार रुपये एकत्रित कर टिकट सहित आने-जाने, भोजन, मैच फीस का खर्च उठाया था. उस समय विवि प्रशासन की तरफ से कहा गया था कि टीम के आने के बाद उनका पैसा लौटा दिया जायेगा. अकाउंट्स में मलाईदार फाइल पर रहता है ध्यान विवि सूत्रों के अनुसार अकाउंट्स शाखा में मलाईदार फाइलों पर सबों की नजर रहती है, लेकिन खेल और खिलाड़ियों से जुड़ी फाइल पर ध्यान किसी का नहीं जाता है. खिलाड़ियों के अनुसार अकाउंट्स शाखा जाने पर कहा जाता है कि फाइल यहां नहीं आयी है. वरीय अधिकारी के पास है, वहां जाने पर अकाउंट्स शाखा भेजने की बात कही जाती है. ऐसे में विवि के अकाउंट्स शाखा पर भी सवाल उठने लगा है. आखिर खेल व खिलाड़ियों की ही फाइल क्यों रोकी जाती है. ये टीम में थे शामिल सचिन भराद्वाज, वीरू सिंह, शुभम कुमार, अमन कुमार, अमन सिंह, अमित सिंह, राहुल कुमार, ब्रज बिहारी, आदित्य कुमार, अजय कुमार, अंकुश कुमार, राकेश कुमार, रक्षेंद्र, सूर्यवंश, समरधीन आदित्य, अभिषेक आनंद, साकेत. फाइल बढ़ायी गयी है, प्रक्रियाधीन है – खेल सचिव विवि के खेल विभाग के सचिव डॉ संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि संबंधित फाइल प्रक्रियाधीन है. उनके द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा कि फाइल पर बची प्रक्रिया को पूरा कराकर खिलाड़ियों को जल्द भुगतान किया जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >