Bhagalpur News: टीएमबीयू में गेस्ट शिक्षक बहाली में हुई थी धांधली

टीएमबीयू में गेस्ट शिक्षक बहाली में हुई थी धांधली

= टीएमबीयू में अप्रैल में हुई गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया= शिकायत के बाद डीएम ने करवायी फिजिक्स विभाग की जांच

संवाददाता, भागलपुर

टीएमबीयू में गेस्ट टीचर बहाली में हुई धांधली और अनियमितता की बात जांच में सामने आयी है. जिला प्रशासन द्वारा जांच के लिए अधिकृत किये गये जांच पदाधिकारी वरीय कोषागार पदाधिकारी देवेंद्र कुमार ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक जांच में भौतिकी (फिजिक्स) विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताएं पायी गयी हैं. यह जांच डीएम को एक आवेदक द्वारा की गयी शिकायत के बाद शुरू हुई थी. आवेदक ने आरोप लगाया था कि भौतिकी शिक्षक के पद के लिए उनका आवेदन स्वीकार होने और साक्षात्कार में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें अस्वीकार कर दिया गया, जबकि उनके अंक चयन के मापदंड के भीतर थे. सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में आवेदक के दावे सही पाये गये हैं. यह भी सामने आया है कि इस मामले में कई पद खाली छोड़ दिये गये हैं, जबकि योग्य आवेदक उपलब्ध थे. फिलहाल यह जांच सिर्फ भौतिकी विभाग तक सीमित थी, लेकिन अन्य विषयों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की संभावना जतायी जा रही है, जहां पद खाली हैं जबकि आवेदक मौजूद थे.

रद हो सकती है नियुक्ति प्रक्रिया

टीएमबीयू में अप्रैल में हुई गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गयी है. संबंधित विषय में हुई बहाली रद्द हाेने की संभावना है और इस आधार पर दूसरे विषयाें में हुई बहाली या पूरी नियुक्ति प्रक्रिया भी रद्द हाे सकती है. अभी सिर्फ फिजिक्स में गड़बड़ी के आराेप की जांच हुई है. मालूम हो कि प्रशासनिक स्तर पर अधिकृत की गयी जांच कमेटी ने गुरुवार काे विवि पहुंच कर प्रभारी कुलपति प्राे विमलेंदु शेखर झा और रजिस्ट्रार प्राे रामाशीष पूर्वे से बात की थी. इसके बाद जिला काेषागार पदाधिकारी ने कुछ दूसरे अभ्यर्थियाें और विवि के कर्मियाें से भी बात की थी.

पैसों के लेन-देन की शिकायत

सूत्रों के अनुसार रिपाेर्ट में तीन बिंदुओं का जिक्र किया गया है. पहला यह कि फिजिक्स में जितनी सीटें थीं, उन सभी पर बहाली नहीं की गयी. दूसरा यह कि आवेदक उपस्थित रहने के बावजूद पद रिक्त रखा गया और तीसरा बिंदू यह कि आवेदक के पास बहाली के लिए पर्याप्त अंक थे. विवि के कर्मियाें और दूसरे अभ्यर्थियाें ने पैसे की लेनदेन की जानकारी दी थी. हालांकि कमेटी काे इसके सबूत नहीं मिले हैं. लेकिन जांच के बाद यह कहा जा रहा है कि जिस तरीके से बहाली क गई थी, तभी से गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही थी. इधर कुछ अन्य विषयों के अभ्यर्थियों ने भी पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद कर नये सिरे नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJIV KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >