यह विधानसभा चुनाव विगत वर्षों होने वाले चुनाव से बिल्कुल अलग है. चुनाव को लेकर मतदाता बिल्कुल उदासीन नहीं थे, जिसका उदाहरण बूथों पर रिकार्ड मतदान हुआ, तो दूसरी तरफ इस बार सुरक्षाकर्मी भी काफी सजग थे. अधिक्तर बूथों पर पोलिंग पार्टी और सुरक्षाकर्मियों ने अपने स्तर से खाना और जलपान का इंतजाम किया था. गोपालपुर विधानसभा के एक बूथ पर मतदान शुरू होने से पहले पंचायत के मुखिया पोलिंग पार्टी और सुरक्षा कर्मियों के लिए खाना लेकर आये थे. जैसे ही वह पीठासीन पदाधिकारी के पास खाना लेकर पहुंचे तो पीठासीन पदाधिकारी ने दोनों हाथ जोड़ लिया. उन्होंने कहा, मुखिया जी क्षमा करें, आपका खाना हमलोग नहीं खाएंगे. हमलोगों ने अपने स्तर से खाने की व्यवस्था कर ली है. मुखिया ने कहा, यह खाना मेरे तरफ से है, आप हमारे पंचायत में आये हैं और संबंधी भी हैं. पीठासीन पदाधिकारी ने कहा कि मैं आपके भावना की कद्र करता हूं, लेकिन यह खाना हमलोग नहीं खा पायेंगे. इस बीच मुखिया जी के समर्थक जिद करने लगे, तभी पुलिस पदाधिकारी मौके पर आये और उन्होंने सख्ती के साथ मुखिया जी को बूथ से बाहर जाने को कहा. मुखिया जी ने सभी समर्थकों के साथ खाना लेकर बैरंग लौट आये.
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