बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के मामले में भागलपुर के गोराडीह की अंचल अधिकारी तान्या कुमारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, उन्हें ””निंदन”” की सजा देने के साथ-साथ ””असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि”” पर रोक लगा दी गयी है. समाहर्त्ता, भागलपुर की रिपोर्ट के आधार पर तान्या कुमारी के विरुद्ध कई गंभीर आरोप गठित किये गये थे. लगे थे गंभीर आरोप आदेश की अवहेलना : प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा जमाबंदी रद्दीकरण वाद में पारित आदेश का अनुपालन नहीं करना और इसके विपरीत पूर्व से कायम जमाबंदी का रकबा शून्य कर देना. अभिलेखों में लापरवाही : भूमिहीन परिवारों को वासभूमि व सैरात बंदोबस्ती से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को उपलब्ध नहीं कराना. प्रशासनिक विफलता : गोराडीह अंचल में नयी जोड़ी गयी जमाबंदियों का सत्यापन नहीं करना और स्टेडियम निर्माण से जुड़े प्रस्ताव मुख्यालय को नहीं भेजना. अनुशासनहीनता : बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करना, मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना और दाखिल-खारिज के मामलों को बेवजह लंबित रखना. जांच के बाद हुआ दंड का निर्धारण विभाग ने फरवरी, 2025 में उनसे इन आरोपों पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा था. अक्तूबर, 2025 में उनके द्वारा दिये गये जवाब की समीक्षा के बाद, अनुशासनिक प्राधिकार ने उन्हें दोषी पाया. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियमावली, 2005 के तहत यह कार्रवाई की गयी है. सेवा पुस्तिका में दर्ज होगा दंड सरकार के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस दंड की एंट्री अधिकारी की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) में भी की जायेगी. इस आदेश की प्रति प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और जिला कोषागार पदाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दी गयी है.
bhagalpur news. लापरवाही पर कार्रवाई : गोराडीह अंचल अधिकारी तान्या कुमारी की रोकी गयी वेतनवृद्धि
बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के मामले में भागलपुर के गोराडीह की अंचल अधिकारी तान्या कुमारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
