bhagalpur news. गायब छात्राओं के परिजन मिले एसएसपी से, बेटी को वापस लाने की लगायी गुहार

बबरगंज थाना क्षेत्र के वासलीगंज व महेशपुर से आठ दिनों से दो नाबालिग छात्रा के गायब मामले में गुरुवार को दोनों के पिता एसएसपी से मिले.

बबरगंज थाना क्षेत्र के वासलीगंज व महेशपुर से आठ दिनों से दो नाबालिग छात्रा के गायब मामले में गुरुवार को दोनों के पिता एसएसपी से मिले. आवेदन देकर बेटी के सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगायी है. परिजनों को डर लग रहा कि कहीं दोनों छात्राएं किसी ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग का शिकार तो नहीं हो गयी. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस मामले में तुरंत कार्रवाई करती, तो शायद बेटी का पता चल जाता. पीड़ित परिवार का दावा है कि एक छात्रा बहला फुसला कर नाबालिग को ले गयी थी. मामले में स्थानीय थाना को लिखित रूप से शिकायत किया गया. लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उधर, एसएसपी प्रमोद कुमार ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. पूरे प्रकरण की जांच हर एंगल से की जा रही है. एसएसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही लापता दोनों छात्राओं को बरामद कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. इस मामले में पुलिस पदाधिकारी लापरवाही बरतेंगे उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. दोनों छात्राएं दसवीं क्लास में पढ़ती हैं. घर से यह कहकर निकली थी कि स्कूल से लेटर लेने जा रही है. लेकिन वापस नहीं लौटी. आरोपित छात्रा के पिता को हिरासत में ले लिया गायब होने के मदद करने के आरोप में पुलिस ने आरोपित छात्रा के पिता को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ की जा रही है. वहीं, दोनों छात्रा के साथ पढ़ने वाली एक छात्रा का बयान सामने आया है. छात्रा ने कहा है कि बर्थ-डे में बुलाने के बहाने उसकी दोस्त ने उसे भी तीन माह पहले बेचने की कोशिश की थी. लड़की का कहना है कि उसके साथ मारपीट हुई. उसे किडनी बेचने की धमकी दी गयी. उसे बेचने का भी प्रयास किया गया. छात्रा ने बयान दिया है कि सितंबर में दो दोस्त ने उसे एक गिरोह को बेच दिया था. लड़की के अनुसार, उसे नशीला पदार्थ पिला कर बेहोश कर दिया गया था. छात्रा ने बताया कि पहले उसे स्टेशन पर चार महिला के हवाले किया गया. वहां नशे वाली चीज खिलायी. फिर महिला उसे ट्रेन से लेकर पटना पहुंची. वहां दो युवक भी साथ हो गये. सूंघने वाला नशा देकर उत्तर प्रदेश के किसी शहर में ले जाया गया. एक कमरा में बंद कर रखा गया. पहले से कमरा में आठ लड़की थी. छात्रा के अनुसार शोर मचाने पर धमकाया जाता था. कमरा में हर दिन नशा की सुई दी जाती थी. किसी तरह मौका पाकर उसने भाग कर जान बचायी.

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By NISHI RANJAN THAKUR

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