– अबूधाबी के अलहमरा से शाहकुंड के शहजादपुर निवासी चिराग ने बतायी आपबीतीललित किशोर मिश्र, भागलपुरअमेरिका व ईरान के बीच जारी युद्ध से खाड़ी देशों रह भारतीय भय के साये में जी रहे हैं. कारण कब किस जगह फाइटर जेट से मिसाइल गिर जाये. अबुधाबी के अलहमरा में ड्रेजिंग शिप में काम करने वाले भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड के शहजादपुर के रहने वाले चिराग रंजन ने अपनी आपबीती प्रभात-खबर के रिपोर्टर को बतायी. चिराग ने बताया कि हम जिस ड्रेजिंग शिप पर काम करते हैं, उसपर कई भारतीय काम करते हैं. सभी युद्ध से डरे हुए हैं. हालांकि, कंपनी ने पूरी सुरक्षा की व्यवस्था की है. हमारा शिप अभी अधुधाबी के अलहमरा के पास खड़ा है. ड्रेजिंग का काम बंद है. चिराग कहता है कि फाइटर जेट की आवाज सुनते ही तेज हो जाती है धड़कनें.
– आंखों के सामने अल-मुगारक के पास गिरा था रॉकेट
चिराग ने कहा कि एक दिन अल मुगारक के पास रॉकेट गिरा. पहली बार राॅकेट लांचर के विस्फोट की आवाज को सुना. अभी शिप छोड़कर कहीं जा भी नहीं सकते हैं. यहां चिराग के पापा शशि रंजन सिंह, मां माला देवी व रिश्तेदार युद्ध शुरू होने के समय से भयभीत हैं. मगर, चिराग से बात होने के बाद से तसल्ली है.
– दिन-रात आसमान में गरजता है फाइटर जेट
चिराग ने बताया कि सुबह से लेकर रात में आसमान में तेजी से विमान की आवाज सुनायी देती है. रात में सोने के समय जब फाइटर जेट गुजरता है तो डर लगने लगता है, लेकिन सभी साथ एकसाथ रहते हैं तो हौसला बना हुआ है.वहीं सउदी अरब के जुबैल में रहने वाले बरारी का हीरा भी एक कंपनी में इलेक्ट्रेशिएन का काम करता है. उसके छोटे भाई राजा ने बताया कि जब से युद्ध शुरू हुआ तो चिंता हुई, भाई से बात की तो सब ठीक है.
