सड़क दुर्घटना में दादा की मौत के बाद पोती को उनकी याद सता रही है. वह बार-बार अपने दादा को खोज रही है. जानकारी हो कि बुधवार की सुबह अनियंत्रित बस की चपेट में आने से राजद कार्यकर्ता की मौत हो गयी थी. मायागंज निवासी रामशरण यादव दुर्घटना से पूर्व वह अपनी पोती पूर्वी यादव को प्रतिदिन डीएम आवास के निकट स्कूल लाने पहुंचाने जाते थे. पोती को अपने दादा से बहुत लगाव था. पिता जितेंद्र जीतू (अधिवक्ता) ने बताया कि पूर्वी पढ़ने में काफी अव्वल है, अपने स्कूल की वॉलीबॉल प्लेयर है. दादा-पोती में बहुत प्रेम था. वह नित्य दिन उनके साथ ही स्कूल जाना पसंद करती थी. दुर्घटना के दिन भी पिताजी उसे स्कूल छोड़े थे, आने के उपरांत दादा को नहीं देखा तो खोज रही थी. मां से पूछा इतने लोग क्यों आए हैं घर पर, दादा की मौत के बाद उसे भी सदमा लगा है. वह बार-बार कह रही है कि अब स्कूल कौन पहुंचायेगा. पूर्वी अपने दादा से प्रतिदिन कुरकुरे के लिए पैसे मांगती थी, तो दादा कहते थे कि उनके पास पैसे नहीं हैं, वह कमाते नहीं है, अपने पापा से मांगो, लेकिन वह कती थी मैं पैसे आपसे ही लूंगी.
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