सुबह 5 बजे खुला बूढ़ानाथ बाबा का द्वार, सरकारी पूजा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Bhagalpur News : भागलपुर के प्रसिद्ध बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में सोमवार की सुबह भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. तड़के पांच बजे हुई सरकारी पूजा के बाद जैसे ही मंदिर का पट खुला, बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. गंगा जल, पंचामृत और वैदिक मंत्रों के बीच हुए अभिषेक ने पूरे मंदिर परिसर को शिवमय बना दिया.
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
Bhagalpur News : सावन से पहले शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बने बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में सोमवार को विशेष सरकारी पूजा संपन्न हुई. महंत शिवनारायण गिरि के निर्देशन में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोला गया, जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने बाबा के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ बाबा का भव्य अभिषेक
सोमवार की सरकारी पूजा सुबह पांच बजे आरंभ हुई. गंगा जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया गया. महंत शिवनारायण गिरि के संचालन में पंडित अभिषेक पांडेय ने पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ पूजा संपन्न कराई. मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.
पट खुलते ही दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
विशेष पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. इसके बाद सुबह से ही दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. श्रद्धालुओं ने बाबा बूढ़ानाथ के चरणों में जल, बेलपत्र और फूल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं. मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष लगातार गूंजते रहे.
मंदिर प्रबंधन ने संभाली व्यवस्था
पूजा और दर्शन की पूरी व्यवस्था मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह के सहयोग से संचालित की गई. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी. व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था के कारण भक्तों ने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की.
आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा बूढ़ानाथ धाम
भागलपुर का बाबा बूढ़ानाथ मंदिर पूर्वी बिहार के प्रमुख शिवधामों में शामिल है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं. यही वजह है कि प्रत्येक सोमवार, श्रावण मास और शिवरात्रि जैसे अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.सोमवार की विशेष पूजा के बाद देर तक मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा. बाबा के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और आस्था की चमक साफ दिखाई दे रही थी.