bhagalpur news. 15 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में हुआ बंद

स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका के कारण बिहपुर विस की धरती को ऐतिहासिक कहा जाता है

ऋषव मिश्रा कृष्णा, भागलपुर

स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका के कारण बिहपुर विस की धरती को ऐतिहासिक कहा जाता है. यह विधानसभा क्षेत्र लगभग 20 वर्षों से खामोश वोटिंग के लिए जाना जाता है. वर्ष 2005 से ही यहां पर प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों के साथ कांटे की टक्कर होती रही है. सुबह मतदान प्रारंभ होते ही मतदान केंद्रों पर लंबी लाइन दिखने लगी. विस क्षेत्र में लगभग दस बूथों पर मामूली विलंब से मतदान शुरू हुआ, लेकिन मतदान प्रारंभ होने के बाद सुबह से शाम तक कोई भी ऐसा समय नहीं दिखा, जब बूथों पर मतदाताओं की उपस्थिति न हो. बिहपुर में महिला मतदाता और जेनजी में मतदान का जबरदस्त क्रेज देखा गया. ऐसे लोग भविष्य की उम्मीदों के लिए अपने पार्टी या प्रत्याशी को वोट कर रहे थे. दोपहर 12 बजे खरीक प्रखंड के बहत्तरा बूथ संख्या 305 पर ईवीएम खराब हो जाने के बाद करीब आधे घंटे तक मतदान रूका रहा. पीठासीन पदाधिकारी मो सरफराज ने सूचना वरीय अधिकारियों को दी. सेक्टर मजिस्ट्रेट बाबूलाल सिंह ने मौके पर पहुंच कर दूसरे ईवीएम से मतदान की व्यवस्था की. नारायणपुर गांव के बूथ पर भी मतदान विलंब से शुरू होने की सूचना मिली. तुलसीपुर में दो प्रत्याशी समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बनी, जिसे समय रहते सुलझा लिया गया. अत्यधिक वोटिंग के बाद भी विधानसभा के अधिकांश बूथों पर मतदाता वोकल नहीं दिखे, वोट देने के बाद भी मतदाता काफी संभल कर बोल रहे थे. हालांकि, कुछ प्रत्याशी समर्थक और जेनजी कई जगहों पर खुल कर अपने प्रत्याशी के पक्ष में बोलते दिखे.

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Author: ATUL KUMAR

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