bhagalpur news. बुजुर्गों की दरगाह एकता व सौहार्द का प्रतिक

मुगलपुरा हुसैनाबाद स्थित कव्वाली मैदान में हजरत हसन पीर वासफा रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स-ए-पाक शनिवार से शुरू हुआ.

मुगलपुरा हुसैनाबाद स्थित कव्वाली मैदान में हजरत हसन पीर वासफा रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स-ए-पाक शनिवार से शुरू हुआ. दरगाह की जियारत के लिए अकिदतमंदों की भीड़ लगी रही. मगरिब की नमाज के बाद दरगाह शरीफ पर चादरपोशी की गयी. लोगाें ने शांति, भाइचारा व तरक्की की दुआ मांगी. दरगाह परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. इससे पहले जोहर की नमाज के बाद शहर भर में चादर की गश्ती करायी गयी. इशा की नमाज के बाद जलसा का आयोजन किया गया. दरगाह शरीफ की जियारत के लिए भागलपुर सहित आसपास, झारखंड बंगाल आदि जगहों से लोग पहुंचते थे. वहीं, जलसा को खिताब करते हुए सैयद शाह एहरार आलम शहबाजी ने कहा कि बुजुर्गों की दरगाह एकता व सौहार्द का प्रतिक है. उनके दरगाह से लोगों को फैजयाबी ही मिलती है. बुजुर्गों ने हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम किया. कार्यक्रम को मुफ्ती फैजुलहक मिसवाही ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आये शायर ने हजरत की शान में एक से बढ़कर एक नातिया कलाम पेश किया. उर्स-ए-पाक को लेकर दरगाह शरीफ को 200 किलो फूल व रंग-बिरेंगे बल्बों से सजाया गया था. इस अवसर पर उर्स कमेटी के अध्यक्ष शेर खान सहित कमेटी के सभी सदस्य आदि मौजूद थे.

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Author: ATUL KUMAR

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