bhagalpur news. होली के दौरान स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने जिले में छापेमारी कर पकड़े छह अवैध अस्पताल

होली के दाैरान स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर छह अवैध अस्पतालों को सील किया.

होली के दाैरान स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर छह अवैध अस्पतालों को सील किया. सभी छह क्लिनिक व अस्पताल पर 50-50 हजार तक जुर्माना भी लगाया. भागलपुर शहरी क्षेत्र के तीन क्लिनिक, खरीक के दो और गोपालपुर के एक क्लिनिक संचालक पर कार्रवाई हुई. सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद ने बताया कि तिलकामांझी शीतला स्थान रोड स्थित स्टार हेल्थ केयर हॉस्पिटल में जांच के क्रम में क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था. निडिल, ग्लब्स आदि जहां-तहां फेंके हुए थे. इससे क्लिनिक में संक्रमण का खतरा बना हुआ था. ऑपरेशन थियेटर में सर्जिकल उपकरण में जंग लगा हुआ पाया गया. संचालक द्वारा क्लिनिक निबंधन से संबंधित किसी भी प्रकार का कागजात नहीं दिखाया गया. इतना ही नहीं क्लिनिक में आइसीयू में जंग लगा हुआ टेबल पाया गया. ब्लड लगा हुआ कॉटन आदि फेंका गया था. इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ था. क्लिनिक भी निबंधित नहीं था. इस पर क्लिनिक को सील करके 50 हजार का जुर्माना लगाया गया. वहीं तिलकामांझी हटिया रोड स्थित नेशनल इमरजेंसी हॉस्पिटल में जांच के क्रम में क्लिनिक में चिकित्सक उपस्थित नहीं थे. क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था. यहां भी निडिल, संक्रमित रूई व अन्य सामान जहां-तहां फेंका हुआ था मिला. क्लिनिक में संक्रमण का खतरा बना हुआ था. संचालक द्वारा क्लिनिक से संबंधित किसी भी प्रकार का कागजात नहीं दिखाया गया. आइसीयू में भर्ती मरीज बुलबुल खातून को स्थानीय व्यवस्था के तहत ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया जा रहा था. इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ था. क्लिनिक संचालक को क्लिनिक बंद करने की कार्रवाई और 50 हजार रुपये आर्थिक दंड लगाया गया. तिलकामांझी जेलरोड स्थित सनलाइट हॉस्पिटल के संचालक को क्लिनिक का संचालन बंद करने एवं आर्थिक दंड की कार्रवाई की गयी. यहां भी चिकित्सक मौके पर नहीं मिले. क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था. अस्पताल में संक्रमण का खतरा था. यहां एक्सपायरी दवा भी मिली. औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम का गंभीर उल्लंघन हो रहा था. संचालक द्वारा क्लिनिक से संबंधित किसी भी प्रकार का कागजात नहीं दिखाया गया. आइसीयू में भर्ती मरीज सुनीता देवी को अनट्रेंड स्वास्थ्यकर्मी द्वारा देखा जा रहा था. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में गोपालपुर के रतनगंज सकुटिया स्थित लाइफ केयर क्लिनिक के संचालक डॉ जियाउल हक पर कार्रवाई की गयी. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार उक्त क्लिनिक का संचालन क्लिनिकल एस्टिब्लिसमेंट एक्ट के तहत नहीं हो रहा था. मानक के अनुरूप कुछ भी नहीं मिला. जांच के क्रम में क्लिनिक में साफ-सफाई नहीं थी और न ही बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था. इससे संक्रमण का खतरा था. जांच के क्रम में संचालक द्वारा जरूरी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया. खरीक स्थित काली हेल्थ केयर के संचालक सोनी कुमारी व प्रकाश कुमार पर क्लिनिक का संचालन बंद करने एवं आर्थिक दंड की कार्रवाई की गयी. जांच के क्रम में क्लिनिक में चिकित्सक उपस्थित नहीं थे. क्लिनिक में साफ-सफाई नहीं थी. कोई प्रमाणपत्र नहीं मिला. खरीक स्थित गीता नारायण हॉस्पिटल के संचालक डॉ रवि कुमार पर भी क्लिनिक का संचालन बंद करने एवं आर्थिक दंड की कार्रवाई की गयी.

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