‘टीबी मुक्त भारत अभियान : स्कूलों को मिली नयी जिम्मेदारी, अब छात्रों-शिक्षकों की होगी स्क्रीनिंग

*”टीबी मुक्त भारत अभियान-2026” तेज, स्कूलों को मिली स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी* कहलगाँव. केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ”टीबी मुक्त भारत अभियान-2026” को धरातल पर उतारने के लिए प्रखंड

कहलगांव, भागलपुर से रिपोर्ट

TB Free India 2026: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-2026’ को सफल बनाने के लिए कहलगांव प्रखंड में स्कूलों की भूमिका बढ़ा दी गई है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी-सह-प्रखंड संसाधन केंद्र की ओर से जारी आदेश के तहत सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों में टीबी के संभावित लक्षणों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसका उद्देश्य समय रहते मरीजों की पहचान कर उनका इलाज शुरू कराना और क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाना है.

TB Free India 2026: स्कूलों में होगी लक्षणों की पहचान

शनिवार को जारी कार्यालय आदेश (ज्ञापांक-506) में प्रखंड के सभी प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों और प्रभारी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों में टीबी के लक्षण वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की पहचान करें. संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों को तुरंत जांच और उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग के साथ होगा समन्वय

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है. जांच में टीबी के मरीज मिलने पर उनका पूरा विवरण निक्षय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि मरीजों की निगरानी और उपचार की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके.

रोजाना देनी होगी प्रगति रिपोर्ट

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित राज ने सभी संकुल समन्वयकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने संकुल के विद्यालयों से प्रतिदिन स्क्रीनिंग और अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करें तथा उसे समय पर प्रखंड कार्यालय में उपलब्ध कराएं. इससे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जा सकेगी.

समय पर पहचान से टीबी पर लगेगी रोक

प्रशासन का मानना है कि स्कूलों के माध्यम से बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाने से टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान हो सकेगी. समय पर जांच और उपचार शुरू होने से संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा और टीबी मुक्त भारत अभियान-2026 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. यह पहल बच्चों, शिक्षकों और पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Published by: Rishi Kant

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