bhagalpur news. ढाई साल बाद भी छूटे हुए इलाके में नहीं पहुंचा हर घर नल का जल, बरारी इलाके में सैकड़ों परिवार वंचित

भागलपुर जिले में हर घर नल जल योजना के पूरा होने के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही है. योजना पूरी हुए करीब ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक छूटे हुए टोलो-मुहल्ले तक इसका लाभ नहीं पहुंच सका है

ब्रजेश, भागलपुर भागलपुर जिले में हर घर नल जल योजना के पूरा होने के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही है. योजना पूरी हुए करीब ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक छूटे हुए टोलो-मुहल्ले तक इसका लाभ नहीं पहुंच सका है. यानी, पानी पहुंचाकर छूटे हुए घरों को कवर नहीं किया जा सका है. इसका ताजा उदाहरण सबौर प्रखंड के कई पंचायत में ढेरों मुहल्ले हैं. टोले और मोहल्लों में आज भी सैकड़ों परिवार इस योजना से वंचित हैं. इन लोगों को अब तक यह भी नहीं पता कि हर घर नल जल का पानी कैसा होता है. पानी की समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है. हालात यह हैं कि कई परिवार अब भी समर सेबल पंप, चापाकल और छोटे-छोटे वाटर टैंक के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं. योजना के अधूरे क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है. हर घर नल जल से वंचित है ये मोहल्ले प्रखंड : सबौर पंचायत : ममलखा टोला-मोहल्ला : वार्ड 14- न्यू ममलखा वार्ड 2- मसरू टोला वार्ड 1 – मुसहरी टोला बैजलपुर पंचायत : वार्ड 13- महेशपुर पश्चिम टोल वार्ड 11- मिल्की टोला वार्ड 5- कुरमल पंडित टोला वार्ड 12- मंडल टोला फतेहपुर पंचायत : वार्ड 14- मंसरपुर टोला वार्ड 15- उत्तरी ओला वार्ड 16- दक्षिण टोला बरारी पंचायत : वार्ड 10 – ज्योति बिहार कॉलोनी वार्ड 03- मीराचक टोला फरका पंचायत : वार्ड 06- उत्तरी टोला पड़घड़ी पंचायत : वार्ड 05- पासवान टोला पंचायत सरधो : वार्ड 05-नवटोलिया गंगा में नहाने को मजबूर ग्रामीण बरारी पंचायत में हर घर नल जल योजना नहीं पहुंची है. यहां वार्ड संख्या 1, 3 और 10 के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्या सुनने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि आ रहा है और न ही कोई अधिकारी. कई बार वार्ड सदस्य और मुखिया से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, पानी की किल्लत और भी गंभीर होती जा रही है. वार्ड संख्या एक के लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से पानी की आस लगाये बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है. पीने के पानी के लिए उन्हें वार्ड दो पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि स्नान के लिए गंगा नदी का सहारा लेना मजबूरी बन गयी है. पूनम देवी, फुतकी देवी, मुन्नी देवी, सुजाता कुमारी और किरण देवी समेत कई ग्रामीणों ने अपनी परेशानी साझा की. वहीं, वार्ड संख्या 10 की वार्ड सदस्य लक्ष्मी देवी और उनके पति रंजीत राय ने बताया कि इस वार्ड में अब तक हर घर तक नल जल योजना का लाभ नहीं पहुंच सका है. इस संबंध में सबौर प्रखंड पीएचडी विभाग के जूनियर इंजीनियर रोशन कुमार ने बताया कि प्रखंड के कई पंचायतों में नल जल की समस्या है, जिसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जहां कनेक्शन दिया गया है, वहां कुछ लोग हाफ एचपी मोटर से पानी खींच लेते हैं, जिससे आगे के घरों तक पानी पहुंचने में दिक्कत होती है. (इनपुट…बलराम यादव, सबौर) बॉक्स मैटर 24 अप्रैल को तकनीकी बिड खोली जायेगी सबौर प्रखंड के ममलखा, बैजलपुर, बरारी, फरका और सरधो पंचायत के छूटे हुए 10 वार्डों के 16 टोला-मोहल्ला में हर घर नल का जल पहुंचाने की प्लानिंग तो पीएचईडी पूर्वी डिवीजन ने बनायी है, लेकिन अब एजेंसी बहाल नहीं कर सकी है. हालांकि, इसके लिए निविदा जारी की गयी है, जो 24 अप्रैल को तकनीकी बिड खोली जायेगी. लेकिन, फाइनेंसियल बिड के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं की है. जबतक एजेंसी चयनित नहीं हो जाती है, तबतक काम शुरू नहीं हाे सकेगा. पीएचईडी इस योजना पर करीब तीन करोड़ 80 लाख खर्च करेगा. इधर, अगर एजेंसी बहाल हो भी जाती है, तो भी पानी पहुंचाने में उन्हें छह महीने का समय लगेगा.

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Published by: Atul kumar

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