bhagalpur news. 50 हजार की राशि का हिसाब नहीं, एक दर्जन स्कूलों पर कार्रवाई की तलवार

सुलतानगंज प्रखंड के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में सरकारी राशि के खर्च का हिसाब अब तक जमा नहीं होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है

शुभंकर, सुलतानगंज सुलतानगंज प्रखंड के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में सरकारी राशि के खर्च का हिसाब अब तक जमा नहीं होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. विद्यालयों की मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए दी गई 50-50 हजार रुपये की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) महीनों बाद भी लंबित है. मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को दो दिनों के भीतर जवाब देने का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) भागलपुर द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही विलंब के कारण का लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. विभाग ने स्पष्ट कहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के लिए मिली थी राशि

बीआरसी लेखापाल पवन कुमार ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा जीओबी मद से प्रत्येक विद्यालय को 50 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी. इस राशि का उद्देश्य विद्यालय भवन की मरम्मत, शौचालय, रैंप, बिजली व्यवस्था, रोशनी और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना था, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके. उन्होंने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार 28 फरवरी तक राशि खर्च कर उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र बीआरसी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य था, लेकिन मई माह तक भी कई विद्यालयों ने यूसी जमा नहीं की है. इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि राशि का उपयोग हुआ भी है या नहीं.

खर्च नहीं किया, तो लौटानी होगी राशि

बीआरसी कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन विद्यालयों ने राशि खर्च नहीं की है, उन्हें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), शिक्षा विभाग भागलपुर के नाम डिमांड ड्राफ्ट बनाकर पूरी राशि वापस करनी होगी. बीआरसी लेखापाल पवन कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जिन विद्यालयों में मतदान केंद्र बनाए गए थे, वहां मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए यह राशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन समय पर हिसाब नहीं देने से विभागीय कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है.

विभाग की नजर में आए ये विद्यालय

बीआरसी कार्यालय के अनुसार, जिन विद्यालयों से उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित है, उनमें एमएस महेशी, एनपीएस नारायणपुर, मध्य विद्यालय बड़हरा, प्राथमिक विद्यालय अकबरनगर कन्या, मध्य विद्यालय कोलगामा, मध्य विद्यालय मिर्जापुर, मध्य विद्यालय दुधैला, केएमएस दौलतपुर, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर डमखोरिया, मध्य विद्यालय किसनपुर, उच्च माध्यमिक विद्यालय अकबरनगर, पीएमश्री असरगंज सरस्वती हाई स्कूल बेलारी और एनएम हाई स्कूल पैन शामिल हैं.

राशि खर्च हो चुकी, जल्द जमा करेंगे यूसी

लेखापाल ने बताया कि पूर्व में 27 स्कूल ने राशि जमा नही किया था. जिसमें कई स्कूल ने जमा किया. अब एक दर्जन स्कूल सुलतानगंज में है, जो उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं है. सबंधित एचएम को निर्देशित किया गया है. वहीं कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि राशि का उपयोग विद्यालय मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के विकास में कर लिया गया है तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र तैयार किया जा रहा है. जल्द ही कार्यालय में इसे जमा कर दिया जाएगा.

बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं पर असर

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों को मिलने वाली सरकारी राशि का समय पर उपयोग और पारदर्शी हिसाब बेहद जरूरी है. यदि इसमें लापरवाही होती है तो स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रभावित होगा और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा. अब शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद संबंधित विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है. अब निगाहें शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि तय समय सीमा के भीतर विद्यालय जवाब देते हैं या फिर कार्रवाई की जद में आते हैं.

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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