सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट
Shravani Mela Ganga Ghat Barricading Preparation: श्रावणी मेले में बाबा अजगैवीनाथ धाम पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर की ओर से गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समतलीकरण, बैरिकेडिंग और जाली लगाने के विशेष उपाय शुरू कर दिए गए हैं.
जेसीबी से हो रहा समतलीकरण
घाटों पर कांवरियों की सुरक्षा के लिए जेसीबी मशीन से जमीन को समतल कराया जा रहा है. इसके साथ ही बैरिकेडिंग के लिए लाए गए भारी बल्लों की रंगाई-पुताई का काम भी पूरा कर लिया गया है. फिसलन रोकने के लिए बोरों में बालू भरकर विशेष जीयो बैग तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें पानी के किनारे लगाया जाएगा.
220 मीटर लंबा बनेगा सीढ़ी घाट
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि नमामि गंगे घाट को 120 मीटर तथा अजगैवीनाथ मंदिर घाट व सीढ़ी घाट को 220 मीटर लंबा और सुरक्षित बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि आगामी 12 जुलाई तक बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाली लगाने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा.
गाद हटाने का काम अंतिम चरण में
इधर, नगर परिषद प्रशासन भी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है. कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) अभिषेक आनंद ने नमामि गंगे घाट का खुद निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि घाट की सीढ़ियों पर जमा गाद और कीचड़ को हटाने का काम अंतिम चरण में है, जिसे अगले दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा.
घाटों पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नमामि गंगे घाट पर चेंजिंग रूम, अस्थाई शौचालय, स्वच्छ पेयजल और लगातार साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है. पीएचईडी विभाग ने भी अपने स्तर से शौचालय और प्याऊ की रंगाई-पुताई का काम लगभग पूरा कर लिया है.
10 जुलाई तक काम पूरा करने का निर्देश
जिला प्रशासन ने मेले से जुड़े सभी विभागों को 10 जुलाई तक अपनी तैयारियां शत-प्रतिशत पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया है. हालांकि, बंगाल से आए कुछ कांवरियों ने मांग की है कि प्रशासन को मेले की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही पेयजल और शौचालय की व्यवस्था चालू कर देनी चाहिए थी.
Shravani Mela Ganga Ghat Barricading Preparation: सावन से पहले ही उमड़ने लगे कांवरिये
भले ही श्रावणी मेले की औपचारिक शुरुआत 30 जुलाई से होनी है, लेकिन बंगाल, असम, ओडिशा और नेपाल से हजारों कांवरियों का जत्था अभी से ही अजगैवीनाथ धाम पहुंचने लगा है. उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर शिवभक्तों ने देवघर के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी है, जिससे कच्ची सड़क पर अभी से ही रौनक दिखने लगी है.
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