सुलतानगंज में बोरी में बंद महिला के शव मामले का सनसनीखेज खुलासा: अवैध संबंध और पैसों के विवाद में हुई थी हत्या

भागलपुर जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में बीती 22 जून को बोरी में बंद मिले एक अज्ञात महिला के शव मामले की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है. वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया है कि इस अमानवीय हत्याकांड को अवैध संबंध और पैसों के लेनदेन के विवाद में अंजाम दिया गया था.

Sultanganj Murder Case: सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मीरहट्टी गांव के पास मिले शव की शिनाख्त मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र निवासी तेतरी देवी के रूप में हुई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से वारदात में इस्तेमाल टोटो रिक्शा, शव को ठिकाने लगाने वाली प्लास्टिक की बोरी और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.

मीरहट्टी गांव के पास बोरी में मिला था शव

सिटी एसपी अतुलेश झा ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 22 जून को सुलतानगंज थाना पुलिस को मीरहट्टी गांव के समीप एक लावारिस प्लास्टिक की बोरी में महिला का शव होने की सूचना मिली थी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जब जांच शुरू की, तो उसकी पहचान बंटी तांती की पत्नी तेतरी देवी (निवासी मधुसूदनपुर) के रूप में की गई. इसके बाद अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था.

बगीचे में शारीरिक संबंध बनाने के बाद पैसों पर हुआ विवाद

पुलिसिया पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी अजय कुमार चौरसिया उर्फ अजय मोदी का महिला के साथ पुराना संपर्क था. घटना के दिन अजय मोदी महिला को एक सुनसान बगीचे में ले गया, जहां उसने महिला के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए.

इसके तुरंत बाद दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर तीखी बहस और विवाद शुरू हो गया. बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर अजय मोदी ने महिला की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी.

टोटो रिक्शा से ठिकाने लगाया शव, दो सहयोगियों ने दिया साथ

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मुख्य आरोपी ने अपने दो सहयोगियों—अर्जुन यादव और मंतोष कुमार बिंद को मौके पर बुलाया. तीनों ने मिलकर तेतरी देवी के शव को एक बड़ी प्लास्टिक की बोरी में कसकर बंद किया. इसके बाद शव को एक टोटो रिक्शा पर लादकर मीरहट्टी गांव के पास सुनसान जगह पर फेंक कर फरार हो गए.

पुलिस ने ऐसे किया वैज्ञानिक तरीके से खुलासा

जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास के रूटों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का तकनीकी विश्लेषण किया और मानवीय इनपुट (मुखबिरों) की मदद ली. पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों:

  1. अजय कुमार चौरसिया उर्फ अजय मोदी (मुख्य आरोपी)
  2. अर्जुन यादव
  3. मंतोष कुमार बिंद

को धर दबोचा. मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या के बाद शव ले जाने में प्रयुक्त टोटो रिक्शा, खून से सनी बोरी के अवशेष और वारदात के समय इस्तेमाल किए गए 5 मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


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Author: Atul Kumar

Published by: Divyanshu Prashant

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