BEO Inspection: कमरगंज स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए बीईओ तनु कुमारी ने स्कूल परिसर का सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान आधारभूत ढांचे और कक्षाओं की उपलब्धता की जो तस्वीर सामने आई, वह काफी चिंताजनक है.
एक ही भवन में 600 से अधिक छात्र, सिर्फ 10 कमरे
प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बीईओ को बताया कि मध्य विद्यालय कमरगंज के मूल भवन में ही उच्च माध्यमिक विद्यालय का भी संचालन किया जा रहा है. स्कूल के पास कुल जमा 10 कमरे हैं. इनमें से 5 कमरों में कक्षा 1 से 8 तक के 310 छात्र-छात्राओं को जैसे-तैसे बैठाकर पढ़ाया जाता है. वहीं, मात्र 2 कमरों और खुले बरामदे के भरोसे कक्षा 9 से 12 तक की 327 छात्राओं का पठन-पाठन कराया जा रहा है.
जमीन न होने से नए भवन का निर्माण अटका, दो पाली ही एकमात्र रास्ता
प्रबंधन के अनुसार, विद्यालय के पास अतिरिक्त भूमि (जमीन) उपलब्ध नहीं होने के कारण शिक्षा विभाग चाहकर भी नए कमरों या भवन का निर्माण नहीं करा पा रहा है. जगह की इस भारी कमी के कारण रोजाना शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. इस गंभीर संकट से उबरने के लिए दोनों विद्यालयों को सुबह और दोपहर की अलग-अलग पालियों में चलाने की पुरजोर मांग की गई है. इसके लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) को भी एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है.
बीईओ तनु कुमारी ने बताया कि उन्होंने स्कूल की वास्तविक और दयनीय स्थिति को खुद देखा है. इसकी एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) को भेजी जा रही है, ताकि दो पालियों में स्कूल चलाने की अनुमति पर जल्द अंतिम निर्णय लिया जा सके.
गनगनिया स्कूल के हेडमास्टर को लगी कड़ी फटकार
कमरगंज के बाद बीईओ तनु कुमारी ने मध्य विद्यालय जहांगीरा और मध्य विद्यालय गनगनिया का औचक (सरप्राइज) निरीक्षण किया, जहां कई तरह की प्रशासनिक खामियां उजागर हुईं. गनगनिया विद्यालय में चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी देखकर बीईओ का पारा चढ़ गया. उन्होंने प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाते हुए स्वच्छता, कूड़ेदान (डस्टबिन) की समुचित व्यवस्था, इको क्लब को सक्रिय करने और पूरे परिसर की साफ-सफाई सहित पांच मुख्य बिंदुओं पर तत्काल सुधार करने का सख्त अल्टीमेटम दिया.
BEO Inspection: जहांगीरा स्कूल में अंधेरे और गंदगी पर जताई नाराजगी
इसी तरह मध्य विद्यालय जहांगीरा के निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में फैली गंदगी और बच्चों के बैठने वाले कमरों में पर्याप्त प्रकाश (बिजली-बत्ती) व्यवस्था न होने पर बीईओ ने गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने स्कूल के प्रधान को कड़ी चेतावनी देते हुए इन बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए. बीईओ ने सभी संबंधित विद्यालय प्रधानों को सख्त लहजे में कहा है कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में अनुपालित (दुरुस्त) कर रिपोर्ट सौंपें, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी. निरीक्षण के मौके पर बीआरसी के लेखापाल पवन कुमार भी मुख्य रूप से मौजूद थे.
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