भागलपुर से विपीन ठाकुर की रिपोर्ट
Sukatiya Bazar Bank News: भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सुकटिया बाजार आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. आजादी के 79 वर्ष बाद भी इस बड़े बाजार में राष्ट्रीयकृत बैंक की एक भी शाखा नहीं है. इसका असर सिर्फ व्यापारियों पर ही नहीं, बल्कि किसानों, छोटे कारोबारियों और आसपास के ग्रामीणों पर भी पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोपालपुर और रंगरा प्रखंड की करीब 20 पंचायतों के लिए सुकटिया बाजार सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है. इसके बावजूद बैंकिंग, सुरक्षा और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी विकास में बड़ी बाधा बनी हुई है.
बैंक नहीं होने से हर दिन बढ़ रही परेशानी
व्यापारियों के अनुसार सुकटिया बाजार में प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार होता है. इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं होने से नकदी जमा करने, पैसे निकालने, ऋण लेने और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए दूसरे शहर या बाजार जाना पड़ता है.
उनका कहना है कि इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है. खासकर छोटे व्यापारियों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है.
दो प्रखंडों के लोगों का प्रमुख बाजार
स्थानीय लोगों के मुताबिक गोपालपुर और रंगरा प्रखंड के साथ-साथ दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग खरीदारी और व्यापार के लिए सुकटिया बाजार पर निर्भर हैं.
ऐसे में बैंकिंग सुविधा का अभाव पूरे इलाके की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है. व्यापारियों का कहना है कि यदि यहां राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खुलती है तो कारोबार को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर वित्तीय सेवाएं मिल सकेंगी.
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
व्यापारियों ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है. उनका कहना है कि बाजार में पुलिस पिकेट नहीं होने के कारण कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले भी चोरी और छिनतई जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है.
अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से बढ़ रही मुश्किल
सुकटिया बाजार की मुख्य सड़क पर अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बना हुआ है. सड़क किनारे अस्थायी दुकानें और अवैध कब्जों के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है.
इसका असर बाजार आने वाले ग्राहकों, दुकानदारों और वाहन चालकों पर पड़ता है. लोगों का कहना है कि समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
Sukatiya Bazar Bank News: बालू लदे ट्रैक्टरों पर नियंत्रण की मांग
स्थानीय लोगों ने बाजार क्षेत्र में बालू लदे ट्रैक्टरों के अनियंत्रित परिचालन पर भी चिंता जताई है.
उनका कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल बढ़ रही है और जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. लोगों ने प्रशासन से समयबद्ध तरीके से ऐसे वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने की मांग की है.
प्रशासन से कई मांगें
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुकटिया बाजार में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने, पुलिस पिकेट स्थापित करने, अतिक्रमण हटाने और बालू लदे ट्रैक्टरों के परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की है.
उनका कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान होता है तो सुकटिया बाजार का व्यापार और क्षेत्र का समग्र विकास नई रफ्तार पकड़ सकता है.
इसे भी पढ़ें: अगले 72 घंटे के लिए बिहार के इन जिलों के लोग हो जाएं सावधान, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट
बिहार के इन दो जिलों में जमीन के नीचे बनेगी ब्लास्ट-प्रूफ रेल लाइन, जंग में बंकर का करेगी काम
