bhagalpur news. हरियाली व औषधीय खुशबू के बीच छात्र लेंगे कण-तरंग की क्लास

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी फिजिक्स विभाग परिसर का माहौल आनेवाले दिनों में ताजगी भरा होगा

आरफीन जुबैर भागलपुर

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी फिजिक्स विभाग परिसर का माहौल आनेवाले दिनों में ताजगी भरा होगा. यहां के क्लासरूम में कभी तेजपत्ता की महक बिखरेगी, तो कभी चंदन की खुशबू परिसर की आबोहवा को बेहतर बनाने का काम करेगी. दरअसल, इस कैंपस में हरियाली व औषधीय पौधों के अलावा कई तरह के पौधे लगाये जा रहे हैं. इस कार्य का नेतृत्व विभाग के हेड व नैनो साइंस के वरिष्ठ शिक्षक प्रो कमल प्रसाद कर रहे हैं और उनके सान्निध्य में अन्य शिक्षक व छात्र-छात्राएं बाग को हरा-भरा करने में जुटे हुए हैं. विभाग के कैंपस को काजू गार्डन बनाने के साथ उसी कैंपस में तेजपत्ता, चंदन व रबड़ के पौधे भी लगाये गये हैं.

विभाग में सीडलिंग कर तैयार किये जा रहे काजू के पौधे

विभाग के कैंपस में सामने व पीछे की खाली जमीन पर करीब सौ काजू के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके मद्देनजर विभाग ने विशाखापट्टनम से उन्नत किस्म के काजू का बीज मंगाया है. इसका सीडलिंग विभाग में ही किया जा रहा है. इससे सैकड़ों पौधे तैयार होंगे. जबकि चंदन के पौधे कोलकाता से मंगाया गया है. विभाग के कैंपस को पूरी तरह काजू गार्डन बनाने की योजना है, ताकि आने वाले दिनों में काजू के उत्पादन से विवि को राजस्व मिल सके. दूसरी तरफ यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी इस सारी प्रक्रिया को जान सके.

क्या है सीडलिंग

आमतौर पर किसी भी पौधे की स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए सीडलिंग तैयार करना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कार्य होता है. बेहतर गार्डन की शुरुआत के लिए स्वस्थ सीडलिंग का होना बहुत जरूरी है. आमतौर पर अंकुरों को पौधों की नींव कहा जाता है. उनके माध्यम से ही पौधा वृद्धि करता है और उसमें फल-फूल लगते हैं. इस विधि से बीज से एक स्वस्थ पौधा उगा पायेंगे. बीज से पौधे उगाने का सही तरीका माना जाता है.

रबर, तेजपत्ता सहित कई औषधि पौधे भी लगाये गये

कैंपस में रबर, तेजपत्ता सहित कई औषधि पौधे भी लगाये गये हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कई ऐसे पौधे भी दूसरे राज्यों से मंगाये जा रहे, जो विलुप्त होने के कगार पर हैं. विभाग ने योजना बनायी है कि आने वाले दिनों में फिजिक्स विभाग के कैंपस को औषधि पौधे लगा कर आकर्षक बनाया जायेगा.

बच्चों को साइंस के साथ पर्यावरण के प्रति जुड़ाव हो – विभागाध्यक्ष

फिजिक्स विभाग के हेड प्रो कमल प्रसाद ने बताया कि बच्चों को साइंस के साथ पर्यावरण के प्रति जुड़ाव हो, इस दिशा में काम किया जा रहा है.

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Author: ATUL KUMAR

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