bhagalpur news. यूजी व पीजी के एक लाख विद्यार्थियों को परीक्षा का इंतजार, विवि में कॉपी की व्यवस्था नहीं

टीएमबीयू में यूजी व पीजी के लिए करीब एक लाख विद्यार्थियों को परीक्षा का इंतजार है, लेकिन परीक्षा के लिए विवि के पास कॉपी की व्यवस्था नहीं है

टीएमबीयू में यूजी व पीजी के लिए करीब एक लाख विद्यार्थियों को परीक्षा का इंतजार है, लेकिन परीक्षा के लिए विवि के पास कॉपी की व्यवस्था नहीं है. बताया जा रहा है कि यूजी व पीजी के कई सेमेस्टर की परीक्षा होनी है. इसके लिए करीब नौ लाख कॉपी की आवश्यकता है. ऐसे में विवि प्रेस ने कॉपी तैयार नहीं की जा रही है. विवि प्रशासन को कॉपी बाहर से ही खरीदने होंगे. कहा जा रहा है कि सभी सेमेस्टर के विद्यार्थियों की संख्या मिलाकर एक लाख से ज्यादा हो सकती है, जो परीक्षा में शामिल होंगे. दूसरी तरफ विवि प्रशासन ने कॉलेजों में यूजी सेमेस्टर चार का प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू कर दी है, लेकिन थ्योरी परीक्षा कब होगी, इसके बारे में विवि के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. मामले को लेकर विवि के प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा से बात कर उनका पक्ष लेना चाहा, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

ये होनी है परीक्षा –

स्नातक सत्र 2023-27 : सेमेस्टर चार

स्नातक सत्र 2024-28 : सेमेस्टर तीन

स्नातक सत्र 2025-29 : सेमेस्टर वन

पीजी सत्र 2024-26 : सेमेस्टर तीन

पीजी सत्र 2025-27 : सेमेस्टर वन

लंबित परीक्षा जल्द लेने का दिया निर्देश

इसी सप्ताह में उच्च शिक्षा विभाग में परीक्षा सहित कई एजेंडा को लेकर टीएमबीयू के अधिकारियों की बैठक हुई थी. विभाग ने यूजी की लंबित परीक्षा को लेकर नाराजगी जाहिर की थी. यूजी सेमेस्टर चार व तीन की परीक्षा हरहाल में फरवरी तक लेने का निर्देश दिया था, ताकि सत्र लेट नहीं हो. सूत्रों के अनुसार दोनों परीक्षा करीब तीन माह लेट चल रहा है.

सेमेस्टर टू के आर्ट्स संकाय का रिजल्ट जारी नहीं

बताया जा रहा है कि यूजी सत्र 2024-28 सेमेस्टर टू की परीक्षा होने से करीब दो माह से ज्यादा समय बीत गया है और साइंस व कॉमर्स संकाय का रिजल्ट जारी कर दिया गया है, लेकिन आर्ट्स के रिजल्ट प्रकाशन के लिए प्रक्रिया जारी है. ऐसे में सेमेस्टर तीन की परीक्षा के लिए फॉर्म नहीं भराया जा सका है.

विवि में अंकपत्र भी नहीं

सूत्रों के अनुसार अंकपत्र की भी कमी है. आगामी होने वाले परीक्षा के लिए विवि के पास अंकपत्र नहीं के बराबर है. बताया जा रहा है कि एक-दो हजार ही अंकपत्र बचा है. कागज की कमी के कारण अंकपत्र भी तैयार नहीं हो पा रहा है. ऐसे में टीआर के माध्यम से ही रिजल्ट प्रकाशित की जा सकती है.

कोट

कॉपी की कमी को लेकर विवि प्रशासन को अवगत कराने के साथ व्यवस्था कराने के लिए राजभवन को पत्र लिखा गया है. वहां से दिशा-निर्देश मिलने पर कॉपी की व्यवस्था करायी जायेगी.

प्रो रामाशीष पूर्वे, रजिस्ट्रार

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Author: ATUL KUMAR

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