bhagalpur news. कॉपी में 28, कुल जोड़ में 17 अंक देने से रिजल्ट पेंडिंग, सुधार के लिए छात्र विवि का लगा रहा चक्कर

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में इन दिनों परीक्षा विभाग में एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आ रही है.

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में इन दिनों परीक्षा विभाग में एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आ रही है. इसी कड़ी में पीजी के एक छात्र को कॉपी में 28 नंबर है, लेकिन अंक का कुल जोड़ कॉपी के पुष्ट के ऊपर 17 अंक दिखाया गया है. जिस कारण छात्र काे उसे विषय में फेल कर दिया है. विवि की इस गड़बड़ी से छात्र का रिजल्ट पेंडिंग हो गया है. जबकि छात्र सभी सेमेस्टर में पास है. अब छात्र रिजल्ट सुधार के लिए विवि का चक्कर लगा रहा है. इस बाबत पीजी हिंदी विभाग के छात्र सूरज कुमार ने कुलपति को लिखित शिकायत की है. कुलपति प्रो जवाहर लाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया है. इसे लेकर कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक से मामले में पूरी जानकारी मांगी है.

क्या है मामला –

पीजी सत्र 2021-23 सेमेस्टर वन में छात्र सूरज को एक विषय में 17 अंक देकर फेल कर दिया है. मामले को लेकर जब छात्र ने विवि से कॉपी की छाया प्रति ली, तो देखा कि उसे सारे प्रश्नों के उत्तर में कुल 28 नंबर आये है, लेकिन उसे 17 अंक दिखाकर उस विषय में फेल दिखा गया है. इसे लेकर छात्र ने कुलपति सहित परीक्षा नियंत्रक को लिखित शिकायत की है. छात्र का कहना है कि कॉपी के सबसे ऊपर वाले पुष्ट पर 28 अंक लिखा जाता, तो शायद आज उसे विवि का चक्कर लगा नहीं पड़ता. रिजल्ट सुधार के लिए विवि का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

कॉपी में हेड व सहायक हेड का हस्ताक्षर भी नहीं

बताया जा रहा है कि कॉपी किसने जांच की है. इसकी जानकारी भी विवि के अधिकारी को नहीं मिल रही है. क्योंकि कॉपी जांचने के बाद हेड व सहायक हेड ने कॉपी पर हस्ताक्षर नहीं किया है. बिना हस्ताक्षर के ही सहायक हेड ने कॉपी की जांच की और अंक भी दिया.

पीजी हेड से मांगा जा रहा नाम

विवि सूत्रों के अनुसार कॉपी की जांच कौन सहायक हेड ने किया और हेड कौन थे. तमाम चीजों की जानकारी विवि प्रशासन ने पीजी हिंदी विभाग के हेड से मांगी है. कुलपति के निर्देश पर परीक्षा विभाग से पत्र भेजा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार विभाग से दो दिन के अंदर पूरे मामले में जानकारी मांगी जा रही है.

कोट —

मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. कुलपति के निर्देश पर आगे की प्रक्रिया की जायेगी. कॉपी में री-टोटलिंग का प्रावधान है. कुलपति के मार्गदर्शन में सारी प्रक्रिया की जायेगी.

डॉ कृष्ण कुमार, परीक्षा नियंत्रक

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By Atul kumar

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