शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन और बच्चाें की सुरक्षा को लेकर सख्त कदत उठाया है. दरअसल, जिले के सरकारी विद्यालय परिसरों में आवारा कुत्तों की आवाजाही और भोजन के दौरान गंदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम सह एसएसए) बबीता कुमारी ने जिले के सभी 1769 एमडीएम संचालित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है. पत्र में स्कूल स्तर पर तत्काल और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. पत्र में कहा गया कि विद्यालय परिसर में कुत्तों की मौजूदगी बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. कई स्कूलों में एमडीएम के जूठन और खुले में पड़े भोजन अवशेषों के कारण कुत्तों का जमावड़ा लग रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विद्यालय प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला स्तर के अधिकारी संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसर की साफ-सफाई, भोजन अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जा सकती है.
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