bhagalpur news. मछुआ आजीविका अधिकार प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
मछुआ आजीविका अधिकार को लेकर प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत शनिवार को सुजागंज में हुई
मछुआ आजीविका अधिकार को लेकर प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत शनिवार को सुजागंज में हुई. दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन जल श्रमिक संघ एवं बिहार प्रदेश मत्स्यजीवी जल श्रमिक संघ की ओर से किया गया. विभिन्न जिलों से पहुंचे मछुआ समुदाय के लोगों और आजीविका अधिकार पर कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं का स्वागत गौतम कुमार ने किया.
कार्यक्रम की भूमिका और रूपरेखा रखते हुए उदय ने कहा कि वर्ष 1991 में बिहार की सभी नदियों को टैक्स फ्री किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति चिंताजनक है. प्रशिक्षण के दौरान पारंपरिक मछुआ समुदाय के लिए निःशुल्क शिकारमाही बिल/एक्ट, नदियों की स्थिति, जलवायु परिवर्तन व जलवायु न्याय, जेंडर जस्टिस तथा गंगा मुक्ति आंदोलन के इतिहास, उपलब्धियों और नीतियों पर चर्चा की जाएगी.
भागलपुर से योगेंद्र सहनी, सारण से राजा राम सहनी, सुपौल से संतोष मुखिया, समस्तीपुर से फुचाय सहनी और मुजफ्फरपुर से सुनील कुमार ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति रखते हुए कहा कि फ्री फिशिंग राइट को वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया है और आगे इसे मनरेगा की तरह खत्म करने की आशंका है. राहुल ने पीपीटी के माध्यम से वैकल्पिक बिल का प्रारूप प्रस्तुत किया, जिस पर पटना से आये डॉ शरद कुमार ने आवश्यक संशोधनों की ओर ध्यान दिलाया. डॉ योगेंद्र ने गंगा मुक्ति आंदोलन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंदोलन की दो बड़ी जीत रहीं. कार्यक्रम में रामशरण अनिरुद्ध रोहित, लखनलाल सहनी, डॉ अलका सिंह आदि मौजूद थे.
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