स्केटिंग करते शिवभक्त, 101 लीटर गंगाजल और डेढ़ लाख मंत्र जाप... पहली सोमवारी पर दिखे आस्था के अनोखे रंग

सावन की पहली सोमवारी पर श्रावणी मेला शिवभक्ति के अनूठे रंगों से सराबोर रहा. 101 लीटर गंगाजल लेकर पहुंचे भक्त, स्केटिंग करते हुए जलाभिषेक और डेढ़ लाख मंत्र जाप के संकल्प ने सभी को आकर्षित किया.

Shravani Mela: सुलतानगंज (भागलपुर). सावन की पहली सोमवारी और नागपंचमी के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में शिवभक्ति का अनूठा स्वरूप देखने को मिला. अजगैबीनगरी से लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक कांवरिया पथ पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. सामान्य कांवरिया, डाकबम, दंडवत यात्री और विशेष कांवर लेकर चल रहे शिवभक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

बेटी की मन्नत पूरी होने पर 101 लीटर गंगाजल लेकर निकले

रांची के चुटिया से आए छह शिवभक्त—विक्की यादव, सचिन, मोहित, मृत्युंजय, अंकित और अर्क राज—150 किलोग्राम वजनी विशेष कांवर में 101 लीटर गंगाजल लेकर बाबाधाम के लिए रवाना हुए. विक्की यादव ने बताया कि उन्होंने बेटी की प्राप्ति के लिए बाबा बैद्यनाथ से मन्नत मांगी थी. मनोकामना पूरी होने के बाद 101 लीटर गंगाजल चढ़ाने का संकल्प लिया, जिसे पूरा करने के लिए वे लगभग 10 दिनों की पैदल यात्रा कर रहे हैं.

स्केटिंग करते हुए निकले शिवभक्त

नालंदा, गया और सहरसा के पांच युवाओं—मिथुन, अंकित, सतीश, कुणाल शेखर और शशि—ने स्केटिंग करते हुए सुलतानगंज से बाबाधाम की यात्रा शुरू की. पीठ पर गंगाजल और पैरों में स्केट्स पहने इन युवाओं को देखकर श्रद्धालु भी हैरान रह गए. युवाओं ने बताया कि वे अपने घर से ही स्केटिंग करते हुए सुलतानगंज पहुंचे हैं और दो दिनों में बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे.

डेढ़ लाख मंत्र जाप का लिया संकल्प

गुजरात के सूरत से आए श्रद्धालुओं ने सुलतानगंज में गंगाजल भरने के बाद रुद्राभिषेक किया और डेढ़ लाख मंत्र जाप का संकल्प लेकर बाबाधाम की यात्रा शुरू की. श्रद्धालुओं का कहना था कि यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक साधना का भी माध्यम है.

हर कदम पर दिखी शिवभक्ति की नई तस्वीर

पहली सोमवारी पर कांवरिया पथ पर आस्था के अनेक स्वरूप दिखाई दिए. कहीं कठिन तपस्या का संकल्प था, कहीं मन्नत पूरी होने की खुशी, तो कहीं रोमांच और भक्ति का अनूठा संगम. "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा मार्ग गूंजता रहा.

श्रावणी मेला बना आस्था और विश्वास का महापर्व

Shravani Mela: श्रावणी मेला हर वर्ष लाखों शिवभक्तों को एक सूत्र में जोड़ता है. इस बार भी अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी अनूठी श्रद्धा और संकल्प के साथ यह संदेश दिया कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति आस्था लोगों को हर कठिन राह पार करने की प्रेरणा देती है.


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By शुभंकर

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