Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला में लाखों कांवरियों के आने से पहले सुलतानगंज में तेज हुई तैयारी, लेकिन एक बड़ी परेशानी अब भी बनी हुई है

श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत से पहले सुलतानगंज में तैयारियां तेज हो गई हैं. प्रशासन स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का दावा कर रहा है. हालांकि, मंदिर परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट

Shravani Mela 2026: सावन की दस्तक के साथ ही सुलतानगंज की रफ्तार बदलने लगी है. अजगैवीनाथ धाम में हर दिन कांवरियों की संख्या बढ़ रही है. आधिकारिक तौर पर श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होना है, लेकिन बंगाल, असम, ओडिशा और नेपाल से श्रद्धालु अभी से गंगाजल लेकर बाबाधाम की पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं. ऐसे में प्रशासन एक तरफ युद्धस्तर पर तैयारियों का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन पर कुछ ऐसी समस्याएं भी हैं जो श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा रही हैं.

सबसे बड़ी चुनौती लाखों कांवरियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर है. प्रशासन ने 10 जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन कई स्थानों पर काम अभी भी जारी है.

14 जगह 24 घंटे चलेगा स्वास्थ्य शिविर, गंभीर मरीजों के लिए भी विशेष इंतजाम

श्रावणी मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु सुलतानगंज से गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना होते हैं. लंबी पैदल यात्रा के दौरान गर्मी, थकान, निर्जलीकरण, छाले और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आम होती हैं. इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार व्यापक तैयारी शुरू कर दी है.

सीएचसी प्रभारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल 14 स्थानों पर 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे. सीएचसी में कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा. नई सीढ़ी घाट, जहाज घाट, महिला अस्पताल, कृष्णगढ़, शिवनंदनपुर, नारद पुल कच्ची सड़क, असियाचक, रामपुर कमराय, धांधी बेलारी कैंप-1 और 2, गायत्री मंदिर, तेघड़ा फॉल कच्ची सड़क तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तिलकपुर में चिकित्सक, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मी तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगे.


तैयारी का निरीक्षण करती हुई डीम और एसएसपी

स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय से 139 प्रकार की दवाओं की मांग की है. इनमें बुखार, सर्दी-खांसी, दर्द, पेट संबंधी बीमारी, संक्रमण, एलर्जी, निर्जलीकरण, ओआरएस, विटामिन इंजेक्शन और पैरों में पड़ने वाले छालों के इलाज की दवाएं शामिल हैं. इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर, बेड, स्लाइन और 44 प्रकार के जरूरी चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे. किसी कांवरिये की हालत गंभीर होने पर तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी रहेगी.

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घाटों पर तेजी से काम, लेकिन श्रद्धालुओं की नजर सुविधाओं पर

श्रावणी मेले का सबसे अहम केंद्र नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट और अजगैवीनाथ मंदिर घाट हैं. यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु स्नान कर जल भरते हैं. इसी वजह से इन घाटों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का काम तेजी से चल रहा है.

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश के अनुसार नमामि गंगे घाट 120 मीटर और अजगैवीनाथ मंदिर घाट व सीढ़ी घाट 220 मीटर तक विकसित किए जा रहे हैं. 12 जुलाई तक बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाली और अन्य सुरक्षा संबंधी सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है.

कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने घाट का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए. घाट की सीढ़ियों पर जमा गाद हटाने का काम अंतिम चरण में है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय, स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था भी तैयार की जा रही है.

बिजली व्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन पांच घंटे रहेगा असर

श्रावणी मेले के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग भी तैयारी में जुट गया है. टाउन-1 फीडर से जुड़े क्षेत्रों में मंगलवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी.

शहरी कनीय विद्युत अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि इस दौरान बिजली लाइनों और उपकरणों का मेंटेनेंस किया जाएगा ताकि मेले के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा न आए. विभाग ने लोगों से पहले ही अपने जरूरी कार्य निपटा लेने की अपील की है.

Shravani Mela 2026: तैयारियों के बीच पेयजल संकट ने बढ़ाई चिंता

जहां एक ओर प्रशासन व्यापक तैयारियों का दावा कर रहा है, वहीं अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में पेयजल की समस्या श्रद्धालुओं को परेशान कर रही है. मंदिर परिसर में लगा चापाकल पिछले तीन दिनों से खराब पड़ा है.

भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है. मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरी का कहना है कि चापाकल बार-बार खराब हो जाता है. अब इसकी जगह नया चापाकल लगाया जाना चाहिए. स्थानीय लोगों ने भी मंदिर परिसर में स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग उठाई है.

इसी बीच बाहर से आए कई कांवरियों ने भी कहा कि मेले की शुरुआत से पहले कम से कम शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह तैयार हो जानी चाहिए थीं. हालांकि पीएचईडी ने शौचालय, प्याऊ और स्नानघरों की रंगाई-पुताई पूरी कर ली है, लेकिन कई स्थानों पर सीट, कमोड और दरवाजे लगाने का काम अभी बाकी है.

कांवरिया पथ से हटाया गया अतिक्रमण, प्रशासन ने दिया बड़ा संदेश

श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कच्चे कांवरिया पथ पर अतिक्रमण हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया है.

अंचलाधिकारी अनुज कुमार झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार और पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से रेल ओवरब्रिज से मदरिया पावर हाउस तक सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों और अस्थायी निर्माण को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई से पहले लगातार माइकिंग कर लोगों को सरकारी जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई थी. अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि लाखों कांवरियों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित रास्ता मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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