श्रावणी मेला 2026 से पहले सुलतानगंज में तैयारियां युद्धस्तर पर, 12 करोड़ का फुट ओवरब्रिज और स्विस कॉटेज जल्द तैयार

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में सुलतानगंज युद्धस्तर पर जुटा है. नगर परिषद स्विस कॉटेज, जर्मन हैंगर और नमामि गंगे घाट तक पहुंचने वाले मार्गों का काम तेज कर रहा है. वहीं, रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ की लागत से बन रहा आधुनिक फुट ओवरब्रिज जल्द ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोल दिया जाएगा.

सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट

Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर सुलतानगंज में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं. नगर परिषद ने स्विस कॉटेज, जर्मन हैंगर, पीली पट्टी, उजाला पट्टी, नमामि गंगे घाट तक पहुंच मार्ग और नालों पर ढक्कन निर्माण सहित कई परियोजनाओं का काम तेज कर दिया है. वहीं रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा आधुनिक फुट ओवरब्रिज 15 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. बिजली विभाग भी मेला क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर और विद्युत लाइनों के रखरखाव में जुटा है.

15 जुलाई तक तैयार होगा 12 करोड़ का आधुनिक फुट ओवरब्रिज.

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत में अब महज 22 दिन शेष हैं. ऐसे में भागलपुर जिले के सुलतानगंज में प्रशासन और रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने मंगलवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर स्विस कॉटेज, जर्मन हैंगर और अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की. दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा आधुनिक फुट ओवरब्रिज अंतिम चरण में पहुंच गया है. प्रशासन का दावा है कि अधिकांश कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे.

मेला क्षेत्र में स्विस कॉटेज और जर्मन हैंगर का काम तेज

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि कांवरियों की सुविधा के लिए स्विस कॉटेज और जर्मन हैंगर में ठहरने की व्यवस्था की जा रही है. मुक्तिधाम तक वैकल्पिक मार्ग, पीली पट्टी और उजाला पट्टी का निर्माण, नमामि गंगे घाट तक पहुंच मार्ग, नालों पर ढक्कन और जर्मन हैंगर के पास ईंट सोलिंग का टेंडर पूरा हो चुका है. बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में एक सप्ताह के भीतर अरघा सिस्टम लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा.

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15 जुलाई तक तैयार होगा आधुनिक फुट ओवरब्रिज

श्रावणी मेले से पहले सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और कांवरियों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है. करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवरब्रिज अंतिम चरण में है. रेलवे ने इसे 15 जुलाई तक पूरा करने और 20 से 22 जुलाई के बीच आम यात्रियों के लिए चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

मालदा मंडल की गति शक्ति यूनिट के डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज कुमार ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. नया फुट ओवरब्रिज प्लेटफॉर्म संख्या एक, दो और तीन को जोड़ेगा, जिससे श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होगी.

बिजली व्यवस्था मजबूत करने में जुटा विभाग

श्रावणी मेले को देखते हुए बिजली विभाग भी पूरी तैयारी में जुटा है. मंगलवार को करीब 10 ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव, पावर सब स्टेशन का मेंटेनेंस, सड़क क्रॉसिंग पर कवर कंडक्टर लगाने और धांधी-बेलारी कच्चा कांवरिया पथ पर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने का कार्य किया गया. इसके अलावा 11 हजार वोल्ट की लाइन को टाउन-1 फीडर से अबजूगंज तक जोड़ने का काम भी पूरा किया गया.

शहरी कनीय विद्युत अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि बुधवार को टाउन-1 और टाउन-2 फीडर से जुड़े क्षेत्रों में मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच लगभग तीन घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित रह सकती है.

देवघर-सरायगढ़ मेमू एक्सप्रेस की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

श्रावणी मेला शुरू होने से पहले रेलवे की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. 05574 अप देवघर-सरायगढ़ मेमू एक्सप्रेस स्पेशल में यात्रियों ने बोगियों और शौचालयों में गंदगी की शिकायत की. यात्री पुष्कर किशन ने बताया कि ट्रेन देवघर से खुलने के समय से ही साफ-सफाई की स्थिति खराब थी. यात्रियों ने रेलवे से नियमित सफाई, शौचालयों की धुलाई, पर्याप्त पानी और कूड़ेदान की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की.

Shravani Mela 2026: श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा

प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है. सड़क, बिजली, आवास, सुरक्षा और रेलवे सुविधाओं के मजबूत होने से इस बार सुलतानगंज पहुंचने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था मिलने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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