यूजीसी ने रिसर्च रेगुलेशन 2016 के नियमों पालन नहीं करने पर टीएमबीयू के पांच पीजी विभागों को शोकॉज भेजा है. कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार डॉ विकास चंद्र ने शोकॉज की अधिसूचना जारी की है. इसमें पीजी केमिस्ट्री विभाग, पीजी राजनीति विज्ञान विभाग, पीजी संस्कृत विभाग, पीजी कॉमर्स विभाग व पीजी दर्शनशास्त्र विभाग के हेड को शोकॉज का पत्र भेजा गया है. विवि से भेजे पत्र में कहा गया कि 30 अप्रैल को पीजी विभागों का कुलपति द्वारा औचक निरीक्षण किया गया था. इसमें रिसर्च रेगुलेशन 2016 के तहत शोधार्थी को प्रतिदिन संबंधित विभाग में रिसर्च वर्क के लिए उपस्थित होना है. शोधार्थी को प्रतिदिन विभाग में हाजिरी बनाना है. रेगुलेशन के तहत 75 फीसदी हाजिरी शोधार्थी का अनिवार्य है. पत्र में कहा गया कि वीसी के निरीक्षण में रिसर्च नियम का पालन नहीं किया गया है. बता दें कि रिसर्च रेगुलेशन 2016 का पालन नहीं किये जाने की प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर छापी गयी थी. इसके बाद विवि प्रशासन हरकत में आया. कुलपति प्रो जवाहर लाल कई पीजी विभागों का औचक निरीक्षण किया था. —————————————— नये वित्त पदाधिकारी के अनुभव का लाभ विवि को मिलेगा टीएमबीयू के कुलपति प्रो जवाहर लाल ने नये वित्त पदाधिकारी ब्रज किशोर प्रसाद को बधाई देते हुए कहा है की विश्वविद्यालय में वित्त से जुड़े सभी कार्यों में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा. वे एकाउंट के रिटायर्ड अफसर रहे हैं. लिहाजा उनके लेखा सेवा के कार्य अनुभव का लाभ विश्वविद्यालय को मिलेगा और कार्यों में गति आयेगी. कुलपति ने कहा की सभी कार्य नियम व परिनियम के अंतर्गत ही होंगे. ———————— एसीपी- एमएसीपी प्रोन्नति का लाभ देते हुए वेतन भुगतान की मांग टीएमबीयू, संबंधित इकाई, पीजी विभाग व कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को द्वितीय एसीपी-एमएसीपी की प्रोन्नति देने की अधिसूचना छह दिसंबर 2023 को विवि से जारी की गयी थी. लेकिन इस आधार पर कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसे लेकर बिहार राज्य विवि एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत की है. उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि सत्र 2025-2026 के बजट में प्रावधान करते हुए भुगतान किया जाये.
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