Bhagalpur Bridge Project : भागलपुर के किलाघाट के पास जमुनिया नाला पर आरसीसी पुल का निर्माण तेजी से जारी है. पुल बनने के बाद शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 40 हजार लोगों को बाढ़ के समय नाव और चचरी पुल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
तेजी से चल रहा है पुल निर्माण कार्य
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल भागलपुर की देखरेख में एजेंसी द्वारा पुल निर्माण कार्य कराया जा रहा है. निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है. अब तक पुल के दो पिलर जमीन से ऊपर तैयार हो चुके हैं, जबकि तीसरे पिलर का निर्माण तेजी से जारी है. विभाग का लक्ष्य समय पर परियोजना पूरी कर ग्रामीणों को राहत देना है.
40 हजार लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
जमुनिया नाला पर पुल और संपर्क सड़क बनने से शंकरपुर, दारापुर, बिंद टोली, सहूनिया, बंडाल, मोहनपुर दियारा, रसीदपुर, अजमेरीपुर सहित शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. इससे जिला मुख्यालय तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगा.
हर साल की बाढ़ की परेशानी होगी खत्म
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन पुल बनने के बाद यह समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी. बाढ़ के दिनों में भी गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क बना रहेगा और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी.
अब तक चचरी पुल और नाव ही था सहारा
वर्तमान में गांव से शहर आने-जाने के लिए ग्रामीण आपस में चंदा जुटाकर विश्वविद्यालय के रवींद्र भवन के पीछे, गोलाघाट और सकीचन घाट के पास अस्थायी चचरी पुल बनाते हैं. बरसात और बाढ़ के दौरान यह पुल बह जाता है, जिसके बाद लोगों को नाव के सहारे जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है. नया पुल बनने से इस परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा.
11 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा पुल
जमुनिया नाला पर बनने वाले इस आरसीसी पुल की लंबाई 98.80 मीटर है. परियोजना की अनुमानित लागत 11 करोड़ 9 लाख 74 हजार 428 रुपये निर्धारित की गई है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांच वर्षों तक इसके रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है. विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय के भीतर पुल निर्माण पूरा कर इसे आम लोगों के लिए चालू करना है.
