bhagalpur news. घोघा बजार में ग्राम देवी के रूप में 142 वर्षों से होती है मां सरस्वती की पूजा
घोघा बाजार में 142 वर्ष से मां सरस्वती की पूजा ग्राम देवी के रूप में की जाती है
निलेश प्रताप, घोघा
घोघा बाजार में 142 वर्ष से मां सरस्वती की पूजा ग्राम देवी के रूप में की जाती है. सरस्वती पूजा पर यहां हर साल की भांति तीन दिवसीय दंगल प्रतियोगिता आयोजित की जाती है. इस प्रतियोगिता सीमावर्ती जिलों के अलावे अन्य राज्य दिल्ली पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर पुलवामा, पंजाब व भागलपुर जिला से ग्रामीण क्षेत्र से भी पहलवान शामिल होते हैं. मेला कमेटी के अध्यक्ष ब्रह्मनारायण दूबे ने बताया कि प्राचीन काल के कृषि वैज्ञानिक घाघ भंडारी के नाम पर घोघा का नामकरण हुआ है. बाजार क्षेत्र पूर्व में कभी सैनिक छावनी हुआ करता था. बाद में बाजार के रूप में विकसित हुआ. यहा सीमावर्ती पश्चिम जिले तथा अन्य राज्यों के व्यापारी बड़ी संख्या में आने लगे और कुछ व्यावसायिक तो यहां बस गये. इन्हीं व्यवसायियों के द्वारा 1885 में यहां राम-जानकी मंदिर की स्थापना की गयी.
शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए शुरू हुई थी पूजा
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