लायंस जिला 322ई का का रीजनल कॉन्फ्रेंस हुआ

लायंस जिला 322 ई का रविवार को वेराइटी चौक के समीप एक होटल के सभागार में रीजनल कॉन्फ्रेंस हुआ.

लायंस जिला 322 ई का रविवार को वेराइटी चौक के समीप एक होटल के सभागार में रीजनल कॉन्फ्रेंस हुआ. रीजन-10 के चेयरमैन रितेश सहेला ने कार्यक्रम का संचालन किया. रीजन के 12 क्लबों द्वारा इस वर्ष किये गये कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया गया. इससे पहले कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन जिलापाल विनोद अग्रवाल एवं अतिथियों ने किया. मधेपुरा से पधारे जोन चेयरपर्सन डाॅ दिलीप कुमार सिंह एवं प्रज्ञा कुमार ने अपने- अपने जोन में आने वाले क्लबों की गतिविधियों पर प्रकाश डाला. विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष एवं सचिवों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत किया. मधेपुरा क्लब के अध्यक्ष डाॅ आरके पप्पू ने नियमित अंतराल पर किये जा रहे रक्तदान से अवगत कराया. नवगछिया क्लब के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने क्लब की भावी रूपरेखा से अवगत कराया. मधेपुरा फेमिना क्लब की अध्यक्ष अग्रणी घोष ने अक्तूबर में चार्टर होने के बाद की अपनी उपलब्धियों का उल्लेख किया. भागलपुर रॉयल के सचिव अमन शर्मा ने विस्तार में संस्था द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यों पर प्रकाश डाला. पूर्व जिलापाल कुंज बिहारी झुनझुनवाला, अनुपम सिंहानिया एवं प्रकाश नंदा ने भी सभा को संबोधित किया. इस मौके पर डॉ कामेश्वर राय, चंद्रशेखर कुमार, मनीष सर्राफ, इंद्रनील घोष, कुमारी अनिता, अविनाश साह, प्रशांत सुचंती, पंकज टंडन, मनोज शर्मा, प्रदीप जालान, बीरेंद्र मिश्रा, उज्जैन मालू, नवनीत सर्राफ, अभिषेक बाजोरिया, ब्रजेश अग्रवाल, सुनील झुनझुनवाला, राजेश जैन, आलोक सिंहानिया, गौरव बंसल, बिनीत अग्रवाल, विक्की खेतान, राजेश सहेला आदि उपस्थित थे.

लायंस प्राइम ने वृद्धाश्रम में लगाया हेल्थ चेकअप कैंप

लायंस क्लब ऑफ भागलपुर प्राइम की ओर से रविवार को सहारा वृद्धाश्रम में हेल्थ चेकअप कैंप लगाया गया. इसमें बुजुर्गों के शुगर, बीपी, वजन आदि की जांच की गयी. होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ प्रकाश ने जांच के बाद उचित दवा भी बुजुर्गों को दी. वहीं, नियोम के जन्मदिन पर बुजुर्गों के बीच व्यंजन परोसा गया. इस दौरान आरओ भी लगाया गया. अध्यक्ष सुधांशु शेखर, एडमिनिस्ट्रेटर लॉयन सुमित जैन, सचिव अभिषेक डोकानिय, कोषाध्यक्ष आयुष छापोलिका, संयोजक एकता अग्रवाल, नीलेश अग्रवाल, अंबिका शेखर डालमिया, डॉक्टर शिल्पी छापोलीका, अभिषेक सफर, प्रोफेसर सुमन कुमार, प्रोफेसर रेशम कुमारी, तृप्ति शर्मा, रेवन सराफ, खुशबू सराफ, डॉ प्रकाश कुमार आदि का योगदान रहा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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