कहलगांव (भागलपुर) से अशरफी की रिपोर्ट.
Rasalpur Middle School Toilet Crisis: कहलगांव प्रखंड की एकचारी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय रसलपुर इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाली का दंश झेल रहा है. करीब 300 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय में तीन शौचालय पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि एकमात्र बचा शौचालय भी सुरक्षित और पूरी तरह उपयोग योग्य नहीं है. ऐसे में बच्चों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई होती है. शिक्षकों का कहना है कि लड़कों के लिए उपयोग योग्य शौचालय नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पार कर खुले में जाना पड़ता है. इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कई छात्र शौच के बहाने घर चले जाते हैं और लंबे समय तक विद्यालय वापस नहीं लौटते, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
छात्राओं को भी नहीं मिल रही मूलभूत सुविधा
विद्यालय में छात्राओं के लिए एक शौचालय उपलब्ध है, लेकिन उसमें पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी यह समस्या छात्राओं के लिए अतिरिक्त कठिनाई पैदा कर रही है.
चारदीवारी नहीं होने से बढ़ी परेशानी
प्रधानाध्यापक अजीत कुमार ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों ने शौचालयों को क्षतिग्रस्त कर दिया. पिछले तीन वर्षों से विद्यालय लगभग शौचालय विहीन स्थिति में है. इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग को लिखित सूचना भेजी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
जर्जर भवन और अतिक्रमण से भी जूझ रहा विद्यालय
विद्यालय का एक भवन भी जर्जर हो चुका है. मुख्य द्वार के बाहर हमेशा कचरे का अंबार लगा रहता है. चारदीवारी नहीं होने के कारण परिसर में अतिक्रमण और चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही असामाजिक तत्व विद्यालय परिसर में बैठकर नशा करते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है.
बच्चों ने सुनाई अपनी परेशानी
आठवीं कक्षा के छात्रों ने बताया कि वर्षों से शौचालय की समस्या बनी हुई है. मजबूरी में उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे काफी असुविधा होती है और कई बार पढ़ाई भी बाधित होती है.
कई बार उठाया गया मुद्दा, नहीं मिला समाधान
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार शौचालय और चारदीवारी की समस्या को विद्यालय शिक्षा समिति तथा बीआरसी की बैठकों में कई बार उठाया गया, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो सका.
क्या बोले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि विद्यालय की स्थिति की जानकारी मिली है. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मुख्य बिंदु
- विद्यालय में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं.
- तीन शौचालय पूरी तरह ध्वस्त, एकमात्र शौचालय भी पर्याप्त नहीं.
- लड़कों को खुले में शौच के लिए सड़क पार करनी पड़ रही है.
- छात्राओं के शौचालय में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं.
- तीन वर्षों से विभाग को शिकायत के बावजूद समाधान नहीं.
- चारदीवारी नहीं होने से अतिक्रमण, चोरी और असामाजिक गतिविधियां बढ़ीं.
- जर्जर भवन और कचरे के अंबार से भी विद्यालय की स्थिति चिंताजनक.
- बीईओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
